महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा (कंपनी के मालिकों के लिए) सालाना आधार पर लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर 4,587.88 करोड़ रुपये हो गया। मुख्य रूप से वाहन कारोबार में अच्छी आय से कंपनी का मुनाफा बढ़ा। एक साल पहले मुनाफा 3,673.32 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 25.34 प्रतिशत बढ़कर 57,514.98 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही में 45,885.40 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने शेयर बाजारों को 5 नवंबर को बताया कि सितंबर 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 51,845.48 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले समान तिमाही में 41,192.50 करोड़ रुपये के थे। कंपनी में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 18.39 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
FY27 के पहले 6 महीनों में कैसा रहा बिजनेस
अप्रैल-सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2027 के पहले 6 महीनों के दौरान महिंद्रा एंड महिंद्रा का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 1,15,048.42 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 91,321.28 करोड़ रुपये था। कुल खर्च 1,03,788.48 करोड़ रुपये के रहे, जो सितंबर 2025 छमाही में 82,401.67 करोड़ रुपये के थे। शुद्ध मुनाफा 10,042.42 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सितंबर 2026 छमाही में 7,756.64 करोड़ रुपये था।
5 नवंबर को महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में अच्छी तेजी दिखी। BSE पर शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 3.86 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। शेयर 3 महीनों में 10 प्रतिशत गिरा है। 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो चुका है। वहीं 5 साल में कीमत 250 प्रतिशत उछली है।
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