मॉर्गन स्टेनली ने शेयर बाजार को दिया झटका, भारत की रेटिंग घटाकर किया ‘इक्वलवेट’, जानें कारण

विदेशी ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने भारतीय शेयर बाजार की रेटिंग घटाकर “इक्वलवेट” कर दी है। इस रेटिंग को मूल रूप से “न्यूट्रल” रेटिंग के बराबर माना जाता है। ब्रोकरेज का कहना है कि दुनिया भर में जारी मौजूदा अनिश्चितताओं और भारतीय शेयर बाजार के ऊंचे वैल्यूएशन को देखते हुए यह फैसला लिया गया है

अपडेटेड Mar 06, 2026 पर 10:58 AM
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मॉर्गन स्टेनली ने माना कि पिछले कुछ सालों में भारत की अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में अधिक स्थिर हुई है

विदेशी ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने भारतीय शेयर बाजार की रेटिंग घटाकर “इक्वलवेट” कर दी है। इस रेटिंग को मूल रूप से “न्यूट्रल” रेटिंग के बराबर माना जाता है। ब्रोकरेज का कहना है कि दुनिया भर में जारी मौजूदा अनिश्चितताओं और भारतीय शेयर बाजार के ऊंचे वैल्यूएशन को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट जोनाथन गार्नर ने 6 मार्च को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल की सप्लाई से जुड़े जोखिमों के कारण भारतीय शेयर बाजार के प्रति सावधानी बरतना जरूरी हो गया है। ऐतिहासिक रूप से भारतीय शेयर बाजार पर तेल की सप्लाई में रुकावट से असर पड़ता रहा है। इसलिए मौजूदा हालात निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं।

हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी माना कि पिछले कुछ सालों में भारत की अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में अधिक स्थिर हुई है और तेल पर निर्भरता भी कुछ हद तक कम हुई है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में ऐसे झटकों के प्रति कम संवेदनशील हुई है।


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े संभावित बदलावों को लेकर भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा भारतीय शेयर बाजार के वैल्यूएशन अभी भी तुलनात्मक रूप से ऊंचे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भारत की ओर दोबारा बड़े पैमाने पर रुख करने में कुछ समय लग सकता है।

गार्नर के अनुसार, निवेशकों का ध्यान फिलहाल कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों पर बना रह सकता है, खासकर तब तक जब तक टेक्नोलॉजी सेक्टर का मौजूदा साइकल अपने चरम पर नहीं पहुंच जाता।

मॉर्गन स्टेनली ने यह भी कहा कि उसका यह कदम भारत के प्रति पूरी तरह नेगेटिव नजरिया नहीं दिखाता। दरअसल, यह फैसला MSCI इमर्जिंग मार्केट्स के बेस-केस आउटलुक से तुलना करते हुए लिया गया है।

ब्रोकरेज के नए टारगेट के मुताबिक, MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में मौजूदा स्तर से करीब 15.5 प्रतिशत की तेजी की संभावना है। वहीं सेंसेक्स के लिए मौजूदा अनुमान लगभग 20.1 प्रतिशत की संभावित बढ़त का संकेत देता है।

इस रिपोर्ट में मॉर्गन स्टेनली ने कुछ खास शेयरों पर भी अपना रुख बदला है। कंपनी ने मारुति सुजुकी को अपनी एशिया-पैसिफिक (एक्स-जापान), ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट्स और एशिया थीमैटिक फोकस लिस्ट से हटा दिया है।

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