लार्ज-कैप में पैसे छापने का मौका, मिड-स्मॉल कैप में क्या करें निवेशक?

क्या शेयर बाजार के हालिया करेक्शन में कमाई मौका छिपा है? मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ (MOPW) की रिपोर्ट कहती है कि लार्ज-कैप स्टॉक्स 10 साल के औसत से नीचे आ चुके हैं। ऐसे में क्या यह निवेश का सही समय है? लेकिन मिड-स्मॉल कैप अभी भी महंगे हैं, तो क्या वहां जोखिम है? 2025 की पहली छमाही कई राज खोल सकती है। निवेशक अब क्या करें? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर!

अपडेटेड Mar 22, 2025 पर 11:13 PM
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मोतीलाल ओसवाल ने निवेशकों को सतर्क और संतुलित निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी है।

Investment Tips: मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ (MOPW) ने निवेशकों को हाइब्रिड और लार्ज-कैप फंड्स में एकमुश्त (लंप सम) निवेश करने की सलाह दी है। हालिया बाजार गिरावट के कारण बड़े शेयरों (लार्ज-कैप) के वैल्यूएशन 10 साल के औसत से नीचे आ गए हैं। इससे यह निवेश का शानदार मौका बन सकता है।

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कैसी हो स्ट्रैटजी?

भारतीय शेयर बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन फेज में है। इस पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिका के नए टैरिफ और डॉलर की मजबूती का असर दिख रहा है। ऐसे में, MOPW की मार्च 2025 की ‘अल्फा स्ट्रैटेजिस्ट’ रिपोर्ट में सतर्क और संतुलित निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है।


रिपोर्ट के अनुसार, “मौजूदा सूरतेहाल में निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए। उन्हें निवेश का कोई भी फैसला अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से लेना चाहिए।”

मिड और स्मॉल कैप फंड्स में क्या करें?

MOPW ने जहां लार्ज-कैप और हाइब्रिड फंड्स में एकमुश्त निवेश की सिफारिश की है, वहीं फ्लेक्सी, मिड और स्मॉल-कैप फंड्स में धीरे-धीरे (स्टैगर्ड) निवेश करने का सुझाव दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, "मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में हाल की गिरावट के बावजूद, वे अभी भी अपने दीर्घकालिक औसत की तुलना में ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं।" इसलिए निवेशकों को आने वाले 6 महीनों में धीरे-धीरे निवेश करने या बाजार में और करेक्शन आने पर तेजी से पैसा लगाने की रणनीति अपनानी चाहिए।

भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में नजरिया

MOPW का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। सरकार ने हाल ही में खपत (Consumption) को बढ़ावा देने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, जिनसे आर्थिक विकास को सहारा मिलेगा। हालांकि, Q3 FY25 (अक्टूबर-दिसंबर 2024) में कॉर्पोरेट कंपनियों के कमजोर नतीजों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 2025 की पहली छमाही में आर्थिक अनिश्चितताओं (Economic Headwinds) को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी, इसलिए निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए और सही शेयरों में समझदारी से निवेश करना चाहिए।

(डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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