MRF Q1 Results: एमआरएफ का प्रदर्शन जून तिमाही में कमजोर रहा। इसका शेयर इसके शेयरों पर पड़ा। 11 अगस्त को 1:40 बजे कंपनी का शेयर 1.98 फीसदी गिरकर 1,31,200 रुपये पर चल रहा था। इस साल कंपनी का शेयर करीब 13 फीसदी गिरा है। एमआरएफ टायर बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी है।
EBITDA में 7.5 फीसदी गिरावट
जून तिमाही में MRF की EBITDA साल दर साल आधार पर 7.5 फीसदी गिरकर 990.6 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,070.4 करोड़ रुपये थी। EBITDA मार्जिन जून तिमाही में गिरकर 11.77 फीसदी रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 13.95 फीसदी था।
रॉ मैटेरियल्स की कीमतों ने बढ़ाया दवाब
एमआरएफ के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस पर जून तिमाही में दबाव दिखा। इसकी वजह रॉ मैटेरियल की कीमतों में उछाल है। रॉ मैटेरियल पर कंपनी का खर्च बढ़कर जून तिमाही में 5,824 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,597 करोड़ रुपये था। हालांकि, जून तिमाही में कंपनी की फाइनेंस कॉस्ट एक साल पहले की समान अवधि से कम रही।
जून तिमाही में कंपनी का अन्य खर्च भी बढ़ा
एमआरएफ के अन्य खर्च में भी जून तिमाही में इजाफा देखने को मिला। यह 1,275 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,097 करोड़ रुपये था। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 9.6 फीसदी बढ़कर 8,415.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 7,675.6 करोड़ रुपये था। कंपनी ने डिविडेंड का ऐलान नहीं किया।
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव
11 अगस्त को भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। निफ्टी 2 बजे निफ्टी 0.54 फीसदी यानी 133 अंक गिरकर 24,450 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.53 फीसदी यानी 420 अंक की गिरावट के साथ 78,120 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला। हालांकि, निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.44 फीसदी की तेजी दिखी। इसकी वजह यह है कि ज्यादातर आईटी शेयर हरे निशान में चल रहे थे।