टायर बनाने वाली कंपनी MRF के शेयरों में आज 8 अगस्त को 5 फीसदी तक की तेजी देखी गई। इस समय यह स्टॉक BSE पर 4.71 फीसदी की बढ़त के साथ 141000 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। FY25 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट खर्च बढ़ने के चलते सालाना आधार पर 3 फीसदी घट गया है। मुनाफा घटने के बावजूद आज कंपनी के शेयरों में खरीदारी हो रही है। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 60,021 करोड़ रुपये हो गया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 151,283.40 रुपये और 52-वीक लो 104,750.95 रुपये है।
कैसे रहे MRF के तिमाही नतीजे
टायर कंपनी एमआरएफ का नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 3 फीसदी घटकर 571 करोड़ रुपये रह गया। जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 589 करोड़ रुपये था। जून तिमाही के दौरान कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 12 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 7196 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 6440 करोड़ रुपये था।
हालांकि, पिछली मार्च तिमाही के मुकाबले कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। तिमाही आधार पर इसका नेट प्रॉफिट पिछली चौथी तिमाही में दर्ज 396 करोड़ रुपये से 44 फीसदी बढ़ गया है। इस बीच, रेवेन्यू में पिछली मार्च तिमाही के मुकाबले 13% की बढ़ोतरी हुई है।
स्टॉक एक्सचेंजों में दाखिल नतीजों से पता चला है कि कंपनी का जून तिमाही का मुनाफा कम रहा क्योंकि खर्च रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में तेजी से बढ़ा। कंज्यूम की गई मटेरियल की लागत एक साल पहले की समान तिमाही के 3780.7 करोड़ रुपये से बढ़कर Q1FY25 में 4370.6 करोड़ रुपये हो गई। अन्य खर्च 967.9 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,092.7 करोड़ रुपये हो गए। जून तिमाही के लिए MRF का कुल खर्च 6,517.6 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 5,727.9 करोड़ रुपये से लगभग 14 फीसदी अधिक है।
तिमाही के दौरान एमआरएफ का ऑपरेटिंग मार्जिन एक साल पहले के 12.37 फीसदी से घटकर 10.61 फीसदी रह गया। इसका नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 9.04 फीसदी से घटकर 7.84 फीसदी रह गया।
कैसा रहा है MRF के शेयरों का प्रदर्शन
पिछले एक महीने में MRF के शेयरों में करीब 10 फीसदी की तेजी आ चुकी है। हालांकि, पिछले 6 महीने में स्टॉक का प्रदर्शन फ्लैट रहा है। इस साल अब तक कंपनी के शेयर 9 फीसदी चढ़े हैं। पिछले एक साल में इसके निवेशकों को 31 फीसदी का रिटर्न मिला है। वहीं, पिछले 5 सालों में इसने 141 फीसदी का मुनाफा कराया है।