MRF Share Price: देश का सबसे महंगा स्टॉक एमआरएफ है। मार्च तिमाही के कमजोर नतीजे के बावजूद कंपनी अपना अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड बांटने जा रही है तो बिकवाली के दबाव में शेयर 4 फीसदी से अधिक फिसल गए। कंपनी ने मार्च तिमाही के नतीजे के साथ प्रति शेयर 194 रुपये के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है जो 10 रुपये की फेस वैल्यू के हिसाब से 1940 फीसदी है। हालांकि इस डिविडेंड का शेयरों की चाल पर खास असर नहीं दिखा और ढहते मार्केट में यह फिसल गया। आज इसके शेयर BSE पर 4.05 फीसदी की गिरावट के साथ 1,28,499.65 रुपये के भाव पर बंद हुए हैं।
इंट्रा-डे में यह 4.57 फीसदी की गिरावट के साथ 1,27,800.00 रुपये के भाव तक आ गया था। पिछले साल 4 मई 2023 को यह एक साल के निचले स्तर 93,060.30 रुपये और 23 फरवरी 2024 को 1,51,283.40 रुपये की रिकॉर्ड हाई पर था।
कैसी रही MRF के लिए मार्च तिमाही
एमआरएफ के लिए मार्च तिमाही कुछ खास नहीं रही। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2024 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7.6 फीसदी गिरकर 379.6 करोड़ रुपये पर आ गया। इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन 0.40 फीसदी कम होकर 14.7 फीसदी से 14.3 फीसदी पर आ गया। मार्च 2024 तिमाही में कंपनी को 6215.1 करोड़ रुपये का ऑपरेशनल रेवेन्यू हासिल हुआ जो सालाना आधार पर 8 फीसदी अधिक रहा।
वित्त वर्ष 2024 के लिए 2000% डिविडेंड
एमआरएफ ने मार्च तिमाही के नतीजे के साथ 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 194 रुपये यानी 1940 फीसदी के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके पहले कंपनी ने पिछले पिछले वित्त वर्ष में 3-3 रुपये के दो अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया था यानी कि वित्त वर्ष 2024 के लिए शेयरहोल्डर्स को 200 रुपये यानी 2000 फीसदी डिविडेंड हो जाएगा। वित्त वर्ष 2023 की बात करें तो कंपनी ने 169 रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था और दो बार के अंतरिम डिविडेंड मिलाकर शेयरहोल्डर्स को हर शेयर पर 175 रुपये का डिविडेंड मिला था।