बिक्री के हिसाब से चीन की दूसरी सबसे बड़ी प्रॉपर्टी डेवलपर चाइना एवरग्रैंड ग्रुप (China Evergrande Group) के शेयरों की 17 महीने बाद ट्रेडिंग फिर शुरू हुई। हालांकि एक समय मल्टीबैगर रहा इस शेयर की सोमवार को ट्रेडिंग शुरू होते ही यह धड़ाम से पेनी स्टॉक बन गया। इसके शेयर 87 फीसदी तक टूट गए। इसके बाद थोड़ी रिकवरी तो हुई है लेकिन 28 अगस्त को फिर से ट्रेडिंग शुरू होने के बाद से तीन दिनों यह करीब 84 फीसदी फिसल चुका है। फिलहाल हॉन्ग कॉन्ग एक्सचेंज पर यह 0.27 हॉन्ग कॉन्ग डॉलर (2.85 रुपये) पर ट्रेड हो रहा है। अब इसकी मार्केट वैल्यू करीब 58 करोड़ डॉलर के करीब रह गई है जबकि 2017 में यह 5 हजार करोड़ डॉलर के पार पहुंच गई थी।
China Evergrande Group में क्यों बिकवाली का दबाव
चीन में प्रॉपर्टी सेक्टर भारी दबाव से जूझ रहा है। एवरग्रैंड और कंट्री गार्डेन समेत कई डेवलपर्स कर्ज और दिवालियापन के खतरे से जूझ रहे हैं। एवरग्रैंड को इस साल की पहली छमाही में 3930 करोड़ युआन (44605.78 करोड़ रुपये) का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि शेयरों की बात करें तो लिस्टिंग से जुड़े नियमों का अनुपालन नहीं होने के चलते इसकी ट्रेडिंग रोक दी गई थी और इससे पहले आखिरी बार 18 मार्च 2022 को इसकी खरीद-बिक्री हुई थी।
हालांकि फिर रविवार को कंपनी को बताया कि इसका इनटर्नल कंट्रोल सिस्टम अब हॉन्ग कॉन्ग के लिस्टिंग रूल्स के मुताबिक ही है। इसके बाद सोमवार को इसकी ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई लेकिन चूंकि कंपनी ने जून छमाही में भारी घाटे का खुलासा किया जिससे शेयरों पर दबाव पड़ा। पिछले दो साल में इसे 58200 करोड़ युआन (6.60 लाख करोड़ रुपये) का घाटा हुआ।
Multibagger से Penny स्टॉक बना शेयर
चाइना एवरग्रैंड का शेयर 6 नवंबर 2009 को 4.58 हॉन्ग कॉन्ग डॉलर में मिल रहा था और इसके बाद 25 अक्टूबर 2017 को इंट्रा-डे में हॉन्ग कॉन्ग एक्सचेंज पर 32.50 हॉन्ग कॉन्ग डॉलर तक पहुंच गया। अब यह 0.27 हॉन्ग कॉन्ग डॉलर पर है यानी कि 6 साल में अपने रिकॉर्ड हाई से यह 99 फीसदी से भी अधिक फिसल चुका है।