Muthoot FinCorp IPO: ₹3000 करोड़ के इश्यू का ड्राफ्ट जमा, रहेंगे केवल नए शेयर

Muthoot FinCorp IPO: मुथूट फिनकॉर्प, मुथूट पप्पाचन ग्रुप की कंपनी है। यह मुख्य रूप से गोल्ड लोन देने का काम करती है। साथ ही यह बिजनेस, हाउसिंग, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग और प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसी सुविधाएं भी देती है

अपडेटेड Aug 13, 2026 पर 12:12 PM
Muthoot FinCorp की पूरे भारत में 3,800 से ज्यादा ब्रांच हैं।

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मुथूट फिनकॉर्प ने अपने 30 अरब रुपये (3000 करोड़ रुपये) के IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में मुताबिक, ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में कहा गया है कि IPO में केवल नए शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी 6 अरब रुपये तक का प्री-IPO प्लेसमेंट ला सकती है। अगर ऐसा हुआ तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा।

मुथूट फिनकॉर्प के IPO में 50 प्रतिशत तक हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा। IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और SBI कैपिटल मार्केट्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।

मुथूट फिनकॉर्प, मुथूट पप्पाचन ग्रुप की कंपनी है। यह मुख्य रूप से गोल्ड लोन देने का काम करती है। साथ ही यह बिजनेस, हाउसिंग, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग और प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसी सुविधाएं भी देती है। कंपनी की पूरे भारत में 3,800 से ज्यादा ब्रांच हैं।


कैसे इस्तेमाल होंगे IPO के पैसे

कंपनी अपने IPO से हासिल फंड का इस्तेमाल भविष्य में लोन देने की जरूरतों के लिए टियर-1 कैपिटल बेस को मजबूत करने, बिजनेस बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार करने में करेगी। एक छोटा हिस्सा इश्यू से जुड़े खर्चों के लिए रखा जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में मुथूट फिनकॉर्प ने शुद्ध मुनाफे में 3 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी। ऑपरेशंस से रेवेन्यू में 31.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी के कंसोलिडेटेड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट का आंकड़ा 73,448.82 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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FY26 में भारत में 360 से ज्यादा IPO से जुटाए गए ₹1.9 लाख करोड़

हाल ही में ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक रिपोर्ट में कहा गया कि देश की कंपनियों ने बीते वित्त वर्ष 2025-26 में 360 से अधिक IPOs के जरिए करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये जुटाए। वैश्विक अनिश्चितताओं, भूराजनीतिक तनाव और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनियों की IPO के जरिए पूंजी जुटाने की गतिविधियां मजबूत बनी रहीं। मेनबोर्ड सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 109 IPO आए, जिनके माध्यम से करीब 1.77 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2024-25 में 80 मेनबोर्ड IPOs के जरिए 1.63 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

लघु एवं मझोले उद्यम (SME) सेक्टर के IPOs की बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 में 258 SME IPO के जरिए 12,030 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह आंकड़ा पिछले 3 वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 में 242 SME IPO से 9,900 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

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