Get App

Debt mutual funds हुए सतर्क और बढ़ाई कैश पोजिशन, जानिए क्यों बदली रणनीति

शॉर्ट के साथ ही लॉन्ग टर्म बॉन्ड यील्ड में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चिंतित हैं फंड मैनेजर्स

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 07, 2021 पर 2:30 PM
Debt mutual funds हुए सतर्क और बढ़ाई कैश पोजिशन, जानिए क्यों बदली रणनीति
debt Mutual Fund

डेट म्युचुअल फंड (Debt mutual fund) मैनेजर्स ‘देखो और इंतजार करो’ (wait-and-watch) के मोड में आ गए हैं और वे अपनी स्कीम्स में कैश रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे शॉर्ट के साथ ही लॉन्ग टर्म बॉन्ड यील्ड में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चिंतित हैं।

एलआईसी एमफ के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर- फिक्स्ड इनकम मर्जबान ईरानी कहते हैं, “पहले ब्याज में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच शॉर्टर-एंड यील्ड कर्व से सहारा मिलता था, लेकिन अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वैरिएबिल रिवर्स रेपो रेट (VRRR) ऑक्शंस के माध्यम से लिक्विडिटी घटाने के साथ शॉर्टर-एंड यील्ड्स भी बढ़नी शुरू हो गई हैं।”

रिवर्स रेपो रेट बढ़ने से बढ़ती शॉर्ट एंड यील्ड्स

उन्होंने कहा, “वीआरआरआर के कारण रिवर्स रेपो रेट (reverse repo rate) प्रभावी रूप से बढ़ गई है। लेकिन जब आरबीआई वास्तव में रिवर्स रेपो रेट बढ़ाता है तो शॉर्ट-एंड यील्ड्स और बढ़ सकती हैं।”

रिवर्स रेपो रेट वह रेट है जिस पर आरबीआई बैंकों से उधार लेता है। अगस्त, 2021 में, आरबीआई ने बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त लिक्विडिटी निकालने के लिए बढ़ाए गए वीआरआरआर ऑक्शंस (हर पखवाड़े में) लॉन्च किए थे। अक्टूबर, 2021 में उसने जी-एसएपी (Government Securities Acquisition Program) को सस्पेंड कर दिया, जिसे G-Secs की खरीदारी के माध्यम से डेट मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें