Mutual Fund Investment: फरवरी में देश के म्यूचुअल फंड्स में निवेश बढ़ा और टोटल एयूएम यानी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट उछलकर ₹82 लाख करोड़ के पार चला गया। म्यूचुअल फंड्स के लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने इक्विटी फंड्स में नेट इंवेस्टमेंट ₹25,965 करोड़ का रहा जोकि जनवरी महीने में ₹24,013 करोड़ के निवेश से 8.2% अधिक रहा। वहीं एयूएम की बात करें तो यह मासिक आधार पर 1.3% बढ़कर ₹81.01 लाख करोड़ से ₹82.02 लाख करोड़ पर पहुंच गया।
इस दौरान निवेशकों के रुझान की बात करें तो लॉर्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स में निवेश बढ़ा लेकिन हाइब्रिड फंड्स में निवेश फीका हुआ। साथ ही गोल्ड को लेकर निवेशकों का क्रेज फीका दिखा। कुल मिलाकर फरवरी के म्यूचुअल फंड डेटा से इक्विटी में लगातार निवेश, मजबूत लिक्विडिटी निवेश के साथ-साथ ईटीएफ और गोल्ड फंड के सब्सक्रिप्शन में अहम गिरावट दिखाई देती है।
लॉर्ज कैप फंड्स में हल्का बढ़ा निवेश
कैटेगरीवाइज बात करें तो लॉर्ज कैप फंड्स में पिछले महीने ₹2,111.7 करोड़ का निवेश आया जोकि जनवरी में ₹2,005 करोड़ के निवेश से थोड़ा ही अधिक रहा। वहीं इस दौरान मिडकैप फंड्स में निवेश ₹3185 करोड़ से बढ़कर ₹4,003 करोड़ और स्मॉल कैप फंड्स में निवेश ₹2,942 करोड़ से उछलकर ₹3,881 करोड़ पर पहुंच गया। सेक्टरल और थीमेटिक फंड्स की बात करें तो यह ₹1,043 करोड़ से बढ़कर ₹2,987.3 करोड़ पर पहुंच गया। हाइब्रिड फंड्स में पिछले महीने ₹11,983.4 करोड़ का इनफ्लो आया जोकि जनवरी महीने में ₹17,356 करोड़ के इनफ्लो से काफी कम रहा। वहीं लिक्विड फंड्स में निवेश मजबूत बना रहा और यह जनवरी में ₹30,682 करोड़ से बढ़कर फरवरी महीने में ₹59,077.4 करोड़ के इनफ्लो तक पहुंच गया।
Gold ETF का क्रेज हुआ फीका?
पिछले महीने ईटीएफ की बात करें तो इसमें ₹4,487 करोड़ का निवेश आया जोकि जनवरी में ₹15,006 करोड़ के इनफ्लो से काफी कम रहा। साथ ही गोल्ड ईटीएफ को लेकर भी निवेशकों का रुझान फीका पड़ा और जनवरी में ₹24,040 करोड़ के इनफ्लो की तुलना में फरवरी में यह तेजी से घटकर ₹5,255 करोड़ रह गया। वहीं दूसरी तरफ कॉरपोरेट बॉन्ड फंड्स और ईएलएसएस फंड्स से निकासी हुई। कॉरपोरेट बॉन्ड फंड्स से फरवरी में ₹2,302 करोड़ और ईएलएसएस फंड्स से ₹650 करोड़ की निकासी हुई जबकि क्रेडिट रिस्क फंड्स से ₹94.2 करोड़ की निकासी हुई।