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म्यूचुअल फंड की रेटिंग कैसे होती है तय, क्या रेटिंग देख निवेश करना सही, जानिए एक्सपर्ट की राय

फिरोज अजीज ने कहा कि स्टार रेटिंग फंड को दी जाने वाली रेटिंग होती है। म्यूचुअल फंड को दी जाने वाली यह रेटिंग 1 से 5 के बीच होती है । अलग-अलग कंपनियों की रेटिंग अलग-अलग होती है। बता दें कि यह रेटिंग फंड की परफॉर्मेंस और रिस्क मैनेजमेंट पर आधारित होती है। इनकी समान कैटेगरी के फंड से तुलना होती है। कम रिस्क के साथ बढ़िया रिटर्न को अच्छी रेटिंग होती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 11, 2023 पर 12:53 PM
म्यूचुअल फंड की रेटिंग कैसे होती है तय, क्या रेटिंग देख निवेश करना सही, जानिए एक्सपर्ट की राय
म्यूचुअल फंड की रेटिंग फंड की परफॉर्मेंस और रिस्क मैनेजमेंट पर आधारित होती है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले अक्सर निवेशक फंड की स्टार रेटिंग पर ध्यान देते है। माना जाता है कि ये रेटिंग्स जितनी अच्छी होती है फंड में रिटर्न का उतना ही फायदा मिलता है। लेकिन क्या आप जानते है कि म्यूचुअल फंड की रेटिंग कैसे तय होती है और इसके क्या मतलब होते है। साथ ही क्या केवल स्टार रेटिंग से अच्छे रिटर्न की गारंटी मिल जाती है? इन तमाम उलझनों के सुलाझते हुए Anand Rathi Wealth के Deputy CEO फिरोज अजीज ने कहा कि स्टार रेटिंग फंड को दी जाने वाली रेटिंग होती है। म्यूचुअल फंड को दी जाने वाली यह रेटिंग 1 से 5 के बीच होती है । अलग-अलग कंपनियों की रेटिंग अलग-अलग होती है। बता दें कि यह रेटिंग फंड की परफॉर्मेंस और रिस्क मैनेजमेंट पर आधारित होती है। इनकी समान कैटेगरी के फंड से तुलना होती है। कम रिस्क के साथ बढ़िया रिटर्न को अच्छी रेटिंग होती है।

कैसे तय होती है रेटिंग ?

म्यूचुअल फंड की रेटिंग फंड की परफॉर्मेंस और रिस्क मैनेजमेंट पर आधारित होती है। म्यूचुअल फंड का 1,3,5 साल का ट्रैक रिकॉर्ड देखकर यह रेटिंग दी जाती है। हर महीने फंड रेटिंग का रिव्यू होता है। हर वेबसाइट पर फंड की अपनी रेटिंग होती है।

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