Mutual Fund: इक्विटी म्यूचुअल फंड में जमकर हो रहा निवेश, जून तिमाही में पांच गुना बढ़ा

Equity Mutual Fund: एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार जून तिमाही में एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 59 प्रतिशत बढ़कर 27.68 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 17.43 लाख करोड़ रुपये था। एसेट बेस में मजबूत वृद्धि के साथ इक्विटी म्यूचुअल फंड के निवेशकों की संख्या भी बढ़ी है

अपडेटेड Jul 28, 2024 पर 2:58 PM
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इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेशक जमकर दांव लगा रहे हैं।

Equity Mutual Fund: इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेशक जमकर दांव लगा रहे हैं। जून 2024 में समाप्त तिमाही में यह पांच गुना बढ़कर 94,151 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। एक साल पहले समान तिमाही में यह आंकड़ा 18,358 करोड़ रुपये था। मजबूत आर्थिक माहौल, सरकार की अनुकूल राजकोषीय नीतियां, निवेशकों का भरोसा और शेयर बाजारों में तेजी के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड को लेकर आकर्षण बढ़ा है।

जून तिमाही में AUM 59 प्रतिशत बढ़ा

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार जून तिमाही में एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 59 प्रतिशत बढ़कर 27.68 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 17.43 लाख करोड़ रुपये था। एसेट बेस में मजबूत वृद्धि के साथ इक्विटी म्यूचुअल फंड के निवेशकों की संख्या भी बढ़ी है। इस दौरान निवेशक आधार तीन करोड़ बढ़ा है और फोलियो की संख्या बढ़कर 13.3 करोड़ हो गई है।


इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश जून तिमाही में पांच गुना होकर 94,151 करोड़ रुपये हो गया। यह जून, 2023 को समाप्त तिमाही में 18,358 करोड़ रुपये था। मार्च, 2024 की पिछली तिमाही की तुलना में जून तिमाही में निवेश 32 प्रतिशत अधिक रहा है। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 71,280 करोड़ रुपये रहा था। अप्रैल में इन योजनाओं में 18,917 करोड़ रुपये, मई में 34,697 करोड़ रुपये और जून में 40,537 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

स्टॉक ट्रेडिंग मंच ट्रेडजिनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) त्रिवेश डी ने बताया कि इक्विटी फोलियो की संख्या में बढ़ोतरी से पता चलता है कि कई इन्वेस्टमेंट सेगमेंट में भागीदारी व्यापक हो रही है। इसकी वजह वित्तीय जागरूकता और निवेश प्लेटफार्म तक आसान पहुंच है।

आनंद राठी वेल्थ के डिप्टी सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) फिरोज अजीज ने कहा कि मजबूत वृहद आर्थिक बुनियाद, बजटीय लक्ष्य से अधिक कर संग्रह, कम राजस्व व्यय और अधिक पूंजीगत व्यय जैसी सरकार की अनुकूल राजकोषीय नीतियों की वजह से इक्विटी म्यूचुअल फंड के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।

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