Mutual Funds: अक्टूबर महीने में घरेलू म्यूचुअल फंडों ने मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में सबसे अधिक बीएसई (BSE), डिक्सन टेक्नोलॉजीज (Dixon Tech) और नजारा टेक्नोलॉजीज (Nazara Tech) के शेयर खरीदे हैं। म्यूचुअल फंडों ने इस दौरान बीएसई के 30 लाख शेयर, डिक्सन टेक के 11 लाख और नजारा टेक के 58 लाख शेयर जोड़े हैं। नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के जुटाए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
BSE का शेयर पिछले 6 महीनों में 300 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इसके डेरिवेटिव कारोबार के विस्तार हो रहा है, जिससे आगे इसके लाभ बढ़ने की उम्मीद है। मुंबई मुख्यालय वाले इस स्टॉक एक्सचेंज ने मई में बेंचमार्क सेंसेक्स और बैंकेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को फिर से लॉन्च किया, जो निवेशकों को कम लॉट साइज और नए एक्सपायरी साइकल के चलते आकर्षित कर रहा है।
दूसरी ओर डिक्सन टेक्नोलॉजीज में फंड मैनेजरों का भरोसा मोबाइल सेगमेंट में शाओमी जैसे बड़े क्लाइंट्स जीतने से आया है। एनालिस्टों का कहना है कि मोबाइल डिविजन में ग्रोथ से इसका मार्जिन थोड़ा कम होगा, लेकिन इससे वित्त वर्ष 2026 तक कंपनी की आमदनी बढ़कर 33,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।
इस बीच, नजारा टेक ने साफ किया है कि 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का सरकार का हालिया फैसला सिर्फ उसके स्किल आधारित रियल-मनी गेमिंग सेगमेंट पर लागू होता है, जिसका वित्त वर्ष 2023 में उसके कुल रेवेन्यू में सिर्फ 5.2 प्रतिशत का योगदान था।
म्यूचुअल फंडों ने क्या बेचा?
इस बीच म्यूचुअल फंडों ने अक्टूबर महीने के दौरान सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy), चोलामंडलम फाइनेंस (Cholamandalam Finance) और इंद्रप्रस्थ गैस (Indraprastha Gas) के शेयरों को सबसे अधिक बेचा है। नुवामा के आंकड़ों के मुताबिक, सुजलॉन एनर्जी के 13.3 करोड़ शेयर, चोलामंडलम फाइनेंस के 30 लाख शेयर और इंद्रप्रस्थ गैस के 32 लाख शेयर बेचे गए।
सनफार्मा के प्रमोटर दिलीप सांघवी ने सितंबर में सुजलॉन एनर्जी के साथ अपने शेयर एग्रीमेंट को खत्म करने का फैसला किया था, जिसके बाद निवेशकों की इस शेयर को लेकर सेंटीमेंट थोड़ा खराब हो गया था। हालांकि, शेयर ने कुछ दिनों में ही अपनी लय वापस पा ली थी और अक्टूबर में करीब यह 45% चढ़ा था। पिछले 6 महीनों में शेयर 370 प्रतिशत ऊपर चढ़ चुका है।
दूसरी ओर, चोलामंडलम फाइनेंस के मार्जिन पर दबाव है। इस NBFC को नए बिजनेस सेगमेंट्स में अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा इंद्रप्रस्थ गैस में बाजार को इसकी सेल्स में कमी आने की आशंका है। दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी में सभी कैब एग्रीगेटर्स को पांच साल के भीतर अपने बेड़े में 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक गाड़ियों को शामिल करने को कहा है।
घरेलू म्यूचुअल फंडों ने अक्टूबर में किन-किन शेयरों को खरीदा, इसे आप नीचे दिए टेबल में देख सकते हैं-
घरेलू म्यूचुअल फंडों ने अक्टूबर में किन-किन शेयरों को बेचा, इसे आप नीचे दिए टेबल में देख सकते हैं-