म्यूचुअल फंडों ने 6 दिन में बेचे ₹16,000 करोड़ के शेयर, अभी कैश में रखा है करीब ₹1.5 लाख करोड़

Mutual Funds: म्यूचुअल फंड्स ने पिछले हफ्ते लगातार 6 दिनों तक शेयर बाजार में बिकवाली की। सूत्रों ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार में आई हालिया तेजी का फायदा उठाते हुए, म्यूचुअल फंड्स ने मुनाफा वसूली किया है। 20 से 28 मार्च के बीच म्यूचुअल फंड ने 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि यह मुनाफावसूली का संकेत है

अपडेटेड Apr 03, 2025 पर 4:55 PM
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Mutual Funds: 2025 में अब तक म्यूचुअल फंड्स शेयर बाजार में ₹1.08 लाख करोड़ का निवेश कर चुके हैं

Mutual Funds: म्यूचुअल फंड्स ने पिछले हफ्ते लगातार 6 दिनों तक शेयर बाजार में बिकवाली की। सूत्रों ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार में आई हालिया तेजी का फायदा उठाते हुए, म्यूचुअल फंड्स ने मुनाफा वसूली किया है। 20 से 28 मार्च के बीच म्यूचुअल फंड ने 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि यह मुनाफावसूली का संकेत है, क्योंकि मार्च में सेंसेक्स और निफ्टी में 6 फीसदी तक की शानदार तेजी आई थी। हालांकि इसके उलट वे महीने की शुरुआत में शुद्ध खरीदार थे। 1 से 19 मार्च तक उन्होंने करीब 22,900 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

सेंसेक्स और निफ्टी में मार्च महीने के दौरान क्रमशः 5.8% और 6.3% की तेजी रही। वहीं बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 7.6% और 8.3% की बढ़त देखी गई।

म्यूचुअल फंड्स ने यह बिकवाली ऐसे समय में की है, जब उनके पास पहले से ही काफी कैश पड़ा हुआ है। जनवरी में एक्टिव फंड्स में म्यूचुअल फंड्स की कैश होल्डिंग्स 1.42 लाख करोड़ रुपये थी, जो फरवरी 2025 में बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपये हो गई।


एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कैश होल्डिंग्स बताता है कि फंड मैनेजर्स अभी शेयर बाजार के वैल्यूएशन को लेकर सतर्क बने हुए हैं। साथ ही वे बाजार की चाल को लेकर अभी भी अनिश्चितता महसूस कर रहे हैं। सेंसेक्स और निफ्टी अपने पीक से 12 फीसदी तक नीचे आ चुके हैं। हलांकि फंड मैनेजर्स अभी भी ट्रंप के टैरिफ ऐलानों, ग्लोबल इकोनॉमी की स्थिति और भू-राजनीतिक तनावों के चलते अधिक स्पष्टता आने का इंतजार कर रहे हैं।

चॉइस वेल्थ के वाइस-प्रेसिडेंट निकुंज सराफ ने इस बात पर जोर डाला कि इस सतर्क रुख के पीछे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली है, जहां मूल्यांकन काफी ऊंचे स्तरों तक बढ़ गया था। हालांकि, म्यूचुअल फंड्स की कैश होल्डिंग्स में बढ़ोतरी किसी तरह के बेयरिश रुख का संकेत नहीं है, बल्कि यह एक सोचा समझा रिस्क मैनेजमेंट है। फंड मैनेजर्स बाजार में अधिक स्पष्टता आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि सही समय पर निवेश को फिर से बढ़ाया जा सके।

म्यूचुअल फंड्स ने इस साल ₹1 लाख करोड़ से अधिक के शेयर खरीदे

2025 में अब तक म्यूचुअल फंड्स भारतीय शेयर बाजार में ₹1.08 लाख करोड़ का निवेश कर चुके हैं। इससे पहले 2024 में उन्होंने कुल 4.3 लाख करोड़ के शेयर खरीदे थे।

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