SEBI निजी इक्विटी फंडों को AMCs बनाने की अनुमति देने के प्रस्ताव पर कर रहा विचार-मीडिया रिपोर्ट

वर्तमान नियमों के तहत कोई भी ऐसी कंपनी जो किसी म्यूचुअल फंड में 40 फीसदी या इससे ज्यादा की हिस्सेदारी रखती है उसको स्पॉन्सर माना जाएगा

अपडेटेड Sep 08, 2022 पर 1:42 PM
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प्राइवेट इक्विटी फंड 37 लाख करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पहले से ही रुचि दिखा रहे हैं।

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) प्राइवेट इक्विटी फंडों को असेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMP) बनाने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। 8 सितंबर को द इकोनॉमिक टाइम्स में ये खबर सूत्रों के हवाले से दी है। गौरतलब है कि प्राइवेट इक्विटी फंड 37 लाख करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पहले से ही रुचि दिखा रहे हैं।

इस मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से आगे कहा गया है कि सेबी इस बात पर भी विचार कर रहा है कि क्या घाटे में चल रहे स्पॉन्सरों को भी म्यूचुअल फंड निवेश में इस शर्त पर मंजूरी दी जा सकती है कि वो इसके लिए निर्धारित शर्तों का पूरा पालन करें। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर किसी प्राइवेट इक्विटी फंड की नेटवर्थ 150 करोड़ रुपये है और वह अल्टीमेट बेनिफिसयरी स्थापित करने की योग्यता रखता है तो उसको भारत में AMC में निवेश करने की मंजूरी मिल सकती है।

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बताते चलें कि अप्रैल महीने में सेबी ने एक वर्किंग ग्रुप की स्थापना की थी। जिसको यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वो प्राइवेट इक्विटी फंडों और दूसरे नाम -एलिजबल (non-eligible entities)हस्तियों को म्यूचुएल फड इंडस्ट्री में प्रवेश की अनुमति देने के लिए नियमों और शर्तों को तय करे।

ये भी बतातें चलें कि वर्तमान नियमों के तहत कोई भी ऐसी कंपनी जो किसी म्यूचुअल फंड में 40 फीसदी या इससे ज्यादा की हिस्सेदारी रखती है उसको स्पॉन्सर माना जाएगा। उसको इसके लिए निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। मनीकंट्रोल इस खबर की पुष्टि नहीं करता है।

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