कैपिटल मार्केट रेग्युलेटर म्युचुअल फंड के नामों का दुरुपयोग करने वाली संस्थाओं पर कार्रवाई करने का फैसला किया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) (Securities and Exchange Board of India(Sebi) ने म्युचुअल फंड्स से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की नियमित निगरानी करने को कहा है। Sebi ने निवेशकों को लुभाने के लिए म्युचुअल फंड के नाम का दुरुपयोग करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। सेबी ने फंड हाउसेज को लिखे एक पत्र में कहा है कि मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर कुछ संदिग्ध समूह देखे गए हैं। ये म्यूचुअल फंड्स के नामों को भ्रामक या गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं। मनीकंट्रोल ने इस पत्र की कॉपी पढ़ी है।
सेबी ने अपने पत्र में कुछ टेलीग्राम ग्रुप का भी उल्लेख किया है जो म्यूचुअल फंड हाउसेज के नामों की भ्रामक नकल कर रहे हैं। उदाहरण के लिए पेटीएम डबलिंग म्यूचुअल फंड के 90,818 यूजर्स रहे। पेटीएम डबलिंग फंड्स म्यूचुअल के 86,435 यूजर्स रहे। जबकि टाटा म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट के 77,509 यूजर्स और क्लोज फ्रेंड्स ट्रेडर्स के 65,723 यूजर्स थे।
सार्वजनिक नोटिस करें जारी, दर्ज करें एफआईआर
नियामक ने फंड हाउस को सलाह दी कि इस तरह की निगरानी के दौरान अगर एएमसी को सोशल मीडिया पर किसी भी गतिविधि या पोस्ट के बारे में पता चलता है जो संदिग्ध प्रकृति का है। ये ऐसी संस्थाओं के निवेशकों के हितों के खिलाफ है। ऐसे में एएमसी को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करने सहित तुरंत उचित कार्रवाई करनी चाहिए। सार्वजनिक नोटिस, पुलिस शिकायत/एफआईआर आदि दर्ज करना चाहिए। इसके जरिये यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी संस्थाओं/ग्रुप्स को म्यूचुअल फंड के नाम का दुरुपयोग करने से रोका जाए।
सेबी ने एएमसी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि डिस्ट्रीब्यूटर्स, ब्रोकर्स और निवेश सलाहकारों जैसे स्टेकहोल्डर्स को भी समान कार्रवाई करनी चाहिए।
मिराए एसेट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) (Mirae Asset Investment Managers (India) के निदेशक स्वरूप मोहंती (Swarup Mohanty) ने कहा, "हम हमेशा सतर्क रहते हैं। ऐसे मामलों की पहचान करने के लिए बैकएंड पर पर्याप्त उपकरण चल रहे हैं। जब ऐसे मामले सामने आते हैं, तो हम कानूनी और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।"
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सेबी के पत्र को ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक (Twitter, YouTube, Instagram and Facebook) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत वित्तीय सलाह को नियंत्रित करने के कदम के रूप में देखा जा सकता है। नियामक ने हाल ही में कहा कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वित्तीय सलाह देने वालों के लिए दिशानिर्देशों बना रहा है।