Sebi ने Mutual Fund यूनिट्स पर भी इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों को लागू करने का रखा प्रस्ताव, जारी किया कंसल्टेशन पेपर

SEBI ने शुक्रवार को एक कंसल्टेशन पेपर जारी कर म्यूचुअल फंड्स को भी इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़े नियमों के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा

अपडेटेड Jul 08, 2022 पर 9:20 PM
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Sebi ने Mutual Fund यूनिट्स पर भी इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों को लागू करने का रखा प्रस्ताव

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने शुक्रवार 8 जुलाई को एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया, जिसके तहत म्यूचुअल फंड्स (mutual fund) को भी इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) से जुड़े नियमों के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसका मतलब है कि अगर किसी फंड मैनेजर या म्यूचुअल फंड्स से जुड़े अधिकारी के पास कोई ऐसी प्राइस सेंसिटीव इंफॉर्मेशन है, जो किसी भी स्कीम्स के नेट एसेट वैल्यू (NAV) को प्रभावित करती है, तो वह म्यूचुअल फंड यूनिट्स को नहीं बेच सकेंगे।

SEBI ने कंसल्टेशन पेपर में दो ऐसे वाकयों का जिक्र किया है, जिसके चलते उसे इस बदलाव पर सोचने पर मजबूर होना पड़ा है। हालांकि उसने इन दोनों कारणों के बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी है।


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इसने बताया कि पहले मामले में, एक म्यूचुअल फंड के रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) ने एक स्कीम से अपनी सभी यूनिट को रिडीम कर लिया था क्योंकि उसे पास प्राइस सेंसिटिव इंफार्मेशन थी, जो अभी स्कीम के यूनिट होल्डर्स को नहीं सार्वजनिक की गई थी।

वहीं दूसरे मामले में पाया गया कि एक म्यूचुअल फंड से जुड़े कुछ अहम कर्मचारियों ने स्कीम से अपनी सभी यूनिट्स को ऐसे वक्त में रिडीम कर लिया था, जब उनके पास प्राइस सेंसिटिव इंफार्मेशन थी और उस जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया था।

फ्रैंकलिन टेम्पलटन मामले का दोहराव रोकना चाहता है SEBI?

ऐसा लगता है कि SEBI ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड (Franklin Templeton MF) के बंद होने के मामले का जिक्र किया है जो साल 2020 में सामने आया था। सेबी ने पिछले साल Franklin Templeton मामले में अपने आदेश में कहा था कि विवेक कुडवा (फ्रैंकलिन टेम्पलटन के डायरेक्टर) और उनकी पत्नी रूपा कुडवा ने नियमों का उल्लंघन कर फंड हाउस की 6 स्कीमों से अपना निवेश निकाल लिया था। यह निवेश ठीक उस समय निकाला गया था, जब उसके कुछ ही दिनों के बाद इसमें से निवेशकों के पैसे निकालने पर रोक लग गई थी।

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