सचिन बंसल के निवेश वाली Navi Mutual Fund (MF) ने 4 फरवरी को अपना यूएस टोटल स्टॉक मार्केट फंड ऑफ फंड लॉन्च किया है। गौरतलब है कि तमाम म्यूचुअल फंड स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड यूनिट में सेबी द्वारा ओवरसीज इन्वेस्टिंग पर लगाए गए 7 अरब डॉलर के लिमिट के दायरे में आ गए हैं। ऐसे में उन्होंने अपने स्कीमों में इस तरह के निवेश लेने बंद कर दिए हैं। लेकिन 1 बिलियन डॉलर के लिमिट वाले ओवरसीज लिस्टेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड अभी भी खुले हुए है चूंकि नावी म्यूचुअल फंड यूएस टोटल स्टॉक मार्केट फंड ऑफ फंड एक ETF वेनगार्ड टोटल स्टॉक मार्केट इंडेक्स फंड ईटीएफ (VTI ETF) में निवेश करेगा। इसलिए जब तक विदेशी ईटीएफ में निवेश की 1 बिलियन डॉलर के निवेश की लिमिट खत्म नहीं हो जाती तब तक Navi Mutual Fund के इस स्कीम में पैसे लगाए जा सकेंगे।
इस 1 अरब डॉलर की ओवरऑल लिमिट में सेबी नियमों के मुताबिक 30 करोड़ डॉलर का निवेश प्रति फंड हाउस की दर से ओवरसीज ईटीएफ में किया जा सकेगा। आपको यह भी बताते चलें कि सचिन बंसल के इस फंड के अलावा कुछ और भी ऐसे फंड है जो विदेशी बाजारों में निवेश कर सकते हैं। इसकी वजह यह है कि वह इक्विटी या म्यूचुअल फंड यूनिट में निवेश ना करके ग्लोबल ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं। हालांकि इस तरह के फंडों की संख्या बहुत थोड़ी सी है।
अब सवाल यह है कि क्या आपको Navi MF के इस सबसे नए फंड में निवेश करना चाहिए? आइए देखते हैं क्या है जानकारों की राय
वर्तमान में यूएस टोटल स्टॉक मार्केट फंड ऑफ फंड ही भारत का एक अकेला ऐसा फंड है जो निवेशकों को वेनगार्ड द्वारा संचालित किसी फंड में निवेश करने का मौका देता है। वेनगार्ड दुनिया में पैसिव फंड मैनेजमेंट का लीडर है। VTI ETF, CRSP US Total Market Indexको ट्रैक करता है जो अमेरिका का एक बड़ा इंडेक्स है और यह लगभग सभी इक्विटी मार्केट को कवर करता है। इसमें तमाम सेक्टरों के 4000 से ज्यादा स्टॉक शामिल हैं। VTI ETF दुनिया का सबसे बड़ा ईटीएफ है। इसके पास 1.3 लाख करोड़ डॉलर की एसेट है।
फाइनेंशियल प्लानरों का कहना है कि यह फंड ओवरडायवर्सिफाइड है। Family First Capital के रूपेश नागदा (Rupesh Nagda)का कहना है कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है लेकिन यह दुनिया की सबसे तेजी से ग्रोथ कर रही इकोनॉमी नहीं है। हालांकि टेक्नोलॉजी एक ऐसा सेक्टर है जिसमें अमेरिका में तेज ग्रोथ देखने को मिल रही है। ऐसे में लगभग सभी क्षेत्रों में डायवर्सिफिकेशन से निवेशकों को फायदा होने की संभावनाएं नहीं है।
इसी तरह Axiom Financial Services के Deepak Chhabria भी इस बात का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बहुत ज्यादा सेक्टरों में डायवर्सिफिकेशन अपने में कोई बड़ा मतलब नहीं रखता।
मनीकंट्रोल की क्या है राय?
मनीकंट्रोल टीम का कहना है कि वर्तमान में ग्लोबल बाजार में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के लिए बहुत कम विकल्प हैं। इसकी वजह यह है कि विदेशी स्टॉक और ग्लोबल म्यूचुअल में निवेश करने वाले फंड अपने लिए निर्धारित लिमिट पूरी कर चुके हैं। हालांकि उम्मीद है कि सेबी जल्द ही इस लिमिट को बढ़ाएगी। ऐसे में आप S&P500 पर आधारित यूएस फंडों में निवेश के लिए इंतजार कर सकते हैं। बतातें चले कि S&P500 इंडेक्स पर आधारित यूएस फंड Nasdaq 100 पर आधारित फंडों की तुलना में ज्यादा डावर्सिफाइड होते हैं। यह भी ध्यान रखें कि Nasdaq 100 टेक्नोलॉजी स्टॉक पर ज्यादा निर्भर है। इसमें टेक्नोलॉजी का वेटेज 45 फीसदी तक है। यह भी बता दें कि Navi MF का यह न्यू फंड ऑफर 18 फरवरी तक खुला रहेगा।