पिछले एक साल में दो-तिहाई लार्जकैप फंडों ने इनवेस्टर्स को निराश किया है। इनका प्रदर्शन निफ्टी 50 इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। इसकी एक वजह यह बताई जा रही है कि इन फंडों ने निफ्टी के शेयरों में निवेश नहीं किया। निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में इस दौरान करीब 5 फीसदी गिरावट आई। बैंक और फार्मा शेयरों में ज्यादा निवेश का असर इन म्यूचुअल फंडों के परफॉर्मेंस पर पड़ा।
एक साल का मतलब 1 जुलाई, 2021 से 1 जुलाई, 2022 के बीच स्टॉक मार्केट के प्रदर्शन से है। इस दौरान बाजार ने रिटर्न नहीं दिया है। इस साल में बाजार जहां से चला था, फिर वही आकर ठहर गया। इसकी वजह यह है कि अक्टूबर के बाद बाजार में गिरावट आई है। इस गिरावट ने पिछले साल जुलाई से अक्टूबर के दौरान बाजार में आई बढ़त खत्म कर दी। पिछले साल 18 अक्टूबर को बाजार ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था।
लार्जकैप फंडों में Nippon India Large Cap का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इसने 6.55 फीसदी रिटर्न दिया। इसके बाद ICICI Pru Bluechip का नंबर रहा। इसने 4.47 फीसदी रिटर्न दिया। HDFC Top 100 का रिटर्न 4.05 फीसदी रहा। SBI BlueChip का रिटर्न 1.53 फीसदी रहा। Adita Birla SL Frontline Eq ने 1.09 फीसदी रिटर्न दिया।
पिछले एक साल में कुछ लार्जकैप म्यूचुअल फंडों ने निवेशकों का पैसा डुबाया। इनमें सबसे ऊपर PGIM India Large Cap का नाम है। इसने इस दौरान 6.97 फीसदी रिटर्न दिया। इसके बाद ITI Large Cap का नंबर है। इसने 6.63 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया। बैंक ऑफ इंडिया ब्लूचिप का रिटर्न माइनस 6.61 फीसदी रहा। एक्सिस ब्लूचिप ने 6.25 फीसदी माइनस रिटर्न दिया।
हालांकि, उन लार्ज कैप फंडों का प्रदर्शन पिछले एक साल में अच्छा रहा, जिन्होंने ऑटो शेयरों में रिटर्न किया था। इसकी वजह यह है कि पिछले एक साल में ऑटो शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा। खासकर मिंडा इंडस्ट्रीज और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बहुत अच्छा रिटर्न दिया। सर्विस इंडस्ट्री का परफॉर्मेंस भी अच्छा रहा। इंडियन होटल्स, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और भारती एयरटेल ने निवेशकों को खुश किया।
ICICI Pru Large & Mid Cap ने 10.6 फीसदी रिटर्न दिया है। दूसरे नंबर पर Quant Large & Mid Cap है। इसने 6.26 फीसदी रिटर्न दिया। HDFC Large and Mid Cap का रिटर्न 4.39 फीसदी रहा। Navi Large & Midcap का रिटर्न 3.18 फीसदी रहा।