प्राइवेट मार्केट्स में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की वैल्यूएशन पिछले 4 महीनों में दोगुना बढ़कर 36 अरब डॉलर हो गई है। मामले से वाकिफ सूत्रों के मुताबिक, निवेशकों को उम्मीद है कि स्टॉक एक्सचेंज का IPO अगले साल की पहली तिमाही तक देखने को मिल सकता है। सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि कॉन्ट्रैक्ट्स के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंज में अनलिस्टेड शेयरों की बड़ी मांग है। उनके मुताबिक, इन शेयरों की मांग सप्लाई से ज्यादा है और इनकी बिक्री 5,700 रुपये से 6,500 रुपये की रेंज में हुई है।
