नेचुरल गैस पर सही दांव लगाने से हो सकती है मोटी कमाई, लेकिन ये बातें पहले ठीक से समझ लें

यूरोप और अमेरिका में जाड़े के मौसम की शुरुआत 1 अक्टूबर से हो जाती है। इसका असर MCX पर हेनरी हब नेचुरल गैस कॉन्ट्रैक्ट्स के फ्यूचर्स प्राइस पर दिखता है। नेचुरल गैस की रोलओवर कॉस्ट भी बढ़ जाती है। पहले कई बार यह कॉस्ट हर महीने 10 फीसदी तक बढ़ी है

अपडेटेड Nov 26, 2024 पर 5:16 PM
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पश्चिमी देशों में पारा काफी गिर जाता है। ऐसे में घरों को गर्म रखने के लिए नेचुरल गैस का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।

ट्रेडिंग की दुनिया में नेचुरल गैस के कई नाम हैं। इनमें नैटी, एनजी और गैस शामिल हैं। लेकिन, जाड़े के मौसम में नेचुरल गैस के लिए जिस नाम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है वह 'विडो मेकर' है। नैटी पर गलत दांव लगाने से भारी नुकसान होने की कई कहानियां हैं। दरअसल, कमोडिटीज प्राकृतिक संसाधन है, जिसे जमीन के अंदर से निकाला जाता है। प्राकृतिक गैस की डिमांड और सप्लाई में उतारचढ़ाव होता रहता है। यह उतारचढ़ाव अनुमानित रेंज में होता है। इसमें कमोडिटी साइकिल की बड़ी भूमिका होती है।

जाड़े में बढ़ जाती है नेचुरल गैस की डिमांड

पश्चिमी देशों में पारा काफी गिर जाता है। ऐसे में घरों को गर्म रखने के लिए नेचुरल गैस (Natural Gas) का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसकी वजह यह है कि दूसरे विकल्पों के मुकाबले नेचुरल गैस सस्ती है। आसानी से उपलब्ध है और इसका ट्रांसपोर्टेशन आसान है। यूरोप और अमेरिका में जाड़े के मौसम की शुरुआत 1 अक्टूबर से हो जाती है। इसका असर MCX पर हेनरी हब नेचुरल गैस कॉन्ट्रैक्ट्स के फ्यूचर्स प्राइस पर दिखता है। नेचुरल गैस की रोलओवर कॉस्ट भी बढ़ जाती है। कई बार यह कॉस्ट हर महीने 10 फीसदी तक बढ़ी है।


गलत दांव लगाने पर हो सकता है लॉस

कई बार कमोडिटी ट्रेडिंग का अनुभव नहीं रखने वाले लोग नेचुरल गैस की कीमतों में आए ऐसे उछाल को ब्रेकआउट समझ बैठते हैं। वे ऊंचे लेवल पर दांव लगा देते हैं, जिससे उन्हें अपना ट्रेड अगले महीने रोलओवर करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। लगातार तीन महीनों तक रोलओवर की कॉस्ट चुकाने के बाद यह पक्का हो जाता है कि आप मुनाफा कमाने नहीं जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि गर्मी आते ही नेचुरल गैस की कीमतें गिर जाती हैं। इसकी वजह यह है कि गर्मी में घरों को गर्म रखने के लिए नेचुरल गैस की मांग घटकर जीरो रह जाती है।

लॉन्ग टर्म में गिरावट का ट्रेंड

गैस की कीमतों के लॉन्ग टर्म आउटलुक की बात करें तो यह गिरावट का है। इसकी वजह यह है कि समुद्र के नीचे गैस का बड़ा भंडार है, जिसका इस्तेमाल होना बाकी है। अगर यह गैस मार्केट में आ जाए तो इसकी कीमतें तेजी से गिर जाएंगी। जो लोग नेचुरल गैस पर दांव लगाना चाहते हैं उन्हें यह समझने की जरूरत है कि ग्लोबल डेरिवेटिव मार्केट्स में अक्टूबर सीरीज से कीमतें चढ़नी शुरू हो जाती हैं। यह तेजी मार्च तक जारी रहती है। अगले साल 20 मार्च तक तेजी जारी रहने का अनुमान है। यह वह समय है जब इंडिया में होली का त्योहार आता है।

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लॉन्ग के मुकाबले शॉर्ट करने में ज्यादा फायदा

जब नेचुरल गैस की कीमतों में गिरावट हो तो उसे शॉर्ट करने पर मुनाफा कमाने की संभावना होती है। यह याद रखने की जरूरत है कि ट्रेड कैरी करने की कॉस्ट हर महीने 8-10 फीसदी हो सकती है। यह ट्रेड का काफी महंगा बना देता है। यह जानी हुई बात है कि लॉन्ग के मुकाबले शॉर्ट सेलिंग में मुनाफा कमाने की ज्यादा गुंजाइश होती है। अगर आप नेचुरल गैस पर दांव लगाने जा रहे हैं तो जल्दबाजी नहीं करें। अगर आपने जल्दबाजी की तो फिर आप अपने हाल जला बैठेंगे।

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