NBCC Share Price: एनबीसीसी को 108.85 करोड़ रुपये के दो ऑर्डर मिले हैं। कंपनी ने इस बारे में शुक्रवार को बताया। इनमें से बड़ा ऑर्डर 88.43 करोड़ रुपये का है। ओडिशा के डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग ने यह ऑर्डर दिया है। इसके तहत कंपनी ओडिशा में कई जगहों पर लड़कों और लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाएगी।
दूसरे ऑर्डर के तहत कंपनी श्रीनगर में सेट्रल लेबोरेट्री बनाएगी
एनबीसीसी को दूसरा ऑर्डर नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड से मिला है। यह ऑर्डर 20.42 करोड़ रुपये का है, जिसके तहत कंपनी श्रीनगर स्थित आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टेंपरेट हॉर्टिकल्चर में क्लीन प्लांट सेंट्रल लेबोरेट्री और ऑफिस बिल्डिंग बनाएगी। कंपनी ने कहा है कि उसे दोनों ऑर्डर घरेलू संस्थानों से मिले हैं।
ओडिशा और असम से 132 करोड़ के ऑर्डर्स
उसने कहा है कि ये दोनों ऑर्डर कंपनी के सामान्य बिजनेस का हिस्सा हैं। किसी भी कॉन्ट्रैक्ट में रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन शामिल नहीं है। साथ ही दोनों में से किसी में प्रमोटर या किसी प्रमोटर ग्रुप का हित नहीं है। कंपनी ने जुलाई में रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया था कि उसे असम और ओडिशा में 132.28 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं।
नवोदय विद्यालय समिति से मिले ऑर्डर्स
उपर्युक्त ऑर्डर के तहत कंपनी असम के साऊथ सालमारा और वेस्ट करिबांगलोंग जिलों में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के स्थायी कैंपेसेज बनाएगी। हर प्रोजेक्ट की वैल्यू 55.46 करोड़ रुपये की है। दोनों प्रोजेक्ट्स कंपनी को नवोदय विद्यालय समिति की तरफ से मिले हैं। कंपनी को ओडिशा के संबलपुर में 200-बेड का स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जो 21.36 करोड़ रुपये का है।
24 जुलाई को हरे निशान में बंद हुए शेयर
एनबीसीसी सरकार की कंपनी है। 24 जुलाई को कंपनी के शेयरों में दोपहर बाद तेजी दिखी। कारोबार खत्म होने पर शेयर 0.86 फीसदी चढ़कर 93.95 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 23 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी में 9.10 फीसदी गिरावट आई है। हालांकि, बीते छह महीनों में निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 16 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है।
24 जुलाई के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट
24 जुलाई को शेयर बाजारों पर बिकवाली का दबाव दिखा। बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लगातार पांचवें दिन गिरकर बंद हुए। बीते चार महीनों में इस हफ्ते में निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। इससे क्रूड की कीमतों में तेजी है, जिसका खराब असर बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ रहा है।