NBFC stocks : बाजार में छोटी NBFC कंपनियों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। दरअसल बिहार सरकार ने माइक्रो फाइनेंस रेगुलेशन बिल पास किया है जिसका असर इस कंपनियों पर दिख रहा है। एचबीएस,उज्जीवन एसएफबी,उत्कर्ष एसएफबी,एलएंडटी फिन,क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण और फ्यूजन फाइनेंस जैसे एनबीएफसी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है।
बिहार सरकार ने पास किया माइक्रो फाइनेंस रेगुलेशन बिल
बिहार सरकार ने आज जो माइक्रो फाइनेंस रेगुलेशन बिल पास किया है, उसके चलते छोटी NBFCs में तेज गिरावट आई है। इस बिल के तहत MF (माइक्रो फाइनेंस) कंपनियों का स्टेट लेवल पर रजिस्टेशन अनिवार्य होगा। उनको लोन डिस्बर्समेंट से पहले राज्य के वित्त विभाग से मंजूरी लेना जरूरी होगी। इसका मकसद MF कंपनियों और छोटे लोन लेंडर्स को रेगुलेट करना है। गैर कानूनी तरीके से लोन रिकवरी पर शिकंजा कसना भी इसका मकसद है। इस बिल से लेंडिंग ऑपरेशन और उजित ब्याज दरों में पारदर्शिता आएगी।
बिहार MFI बिल पर IIFL कैपिटल की राय
इस बिल पर IIFL कैपिटल की राय है कि यह बिल कर्नाटक के 2025 ऑर्डिनेंस जैसा या उससे ज्यादा सख्त है। RBI रेगुलेटेड कंपनियां बिल से बाहर रखी गई हैं। जबरन रिकवरी,कर्जदारों की सुरक्षा और फेयर रिकवरी के नियम रेगुलेटेड कंपनियों पर भी लागू होगी। MFI सेक्टर में बिहार की हिस्सेदारी 15 फीसदी है। 2 साल में ये हिस्सेदारी 1.10 फीसदी बढ़ी है। पिछले 2 साल में बिहार का MFI पोर्टफोलियो सालाना 8 फीसदी घटा है। NBFCs/SFBs/बैंकों का बिहार में 5-45 फीसदी MFI/MSME एक्सपोजर है। बिल के बाद डिफॉल्ट का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। ज्यादा MFI एक्सपोजर वाली कंपनियों पर काफी सतर्क रहने की जरूरत है।
बिहार में कंपनियों का AUM
बिहार में कंपनियों के AUM पर नजर डालें तो बिहार में Utkarsh SFB का एक्सपोजर 45 फीसदी, L&T Finance का एक्पोजर 17 फीसदी, Fusion MFI का एक्सपोजर 16.70 फीसदी, Ujjivan SFB का एक्सपोजर 11.10 फीसदी और CreditAccess Grameen का एक्पोजर 4.60 फीसदी है।
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