बैंकों के सितंबर तिमाही के नतीजों के आने के पहले पिछले 5 कारोबारी सत्रों में निफ्टी पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। सितंबर तिमाही में निफ्टी पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 24 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। वहीं इसी अवधि में बैंक निफ्टी इंडेक्स में 16 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जबकि इसी अवधि में बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 8 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
निवेशकों का मानना है कि अच्छे मार्जिन और लोन में हुए घाटे से निपटने के लिए की जाने वाली प्रोविजनिंग में गिरावट के चलते सितंबर तिमाही में बैंकों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। इसी उम्मीद में बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी आई है।
मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि मई से अब तक आरबीआई की नीति दर में 1.90 फीसदी की बढ़ोतरी से भी बैंकों के नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में अच्छी बढ़ोतरी होगी जिससे आगे बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM)में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हाल के महीनों में इकोनॉमी की हालत सुधरने के साथ ही क्रेडिट डिमांड में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है जिससे बैंकों के लोन वितरण में बढ़त देखने को मिली है। कोटक सिक्योरिटीज के एक रिपोर्ट में कहा है कि आगे बैंकों की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिलेगा।
Mehta Equities के प्रशांत तापसे का कहना है कि देश की इकोनॉमिक गतिविधियों में तेजी आने के संकेत दिख रहे हैं। जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी और फेस्टिव सीजन में क्रेडिट डिमांड में बढ़ोतरी भारतीय बाजार के लिए शुभ संकेत हैं। शॉर्ट टर्म में भारत के क्रेडिट ग्रोथ के काफी ऊंचे स्तर पर रहने की संभावना है। जिसको देखते हुए बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन मजबूत रहने की संभावना दिख रही है। हम शॉर्ट और मीडियम टर्म के नजरिए से बैंकिंग शेयरों को लेकर बुलिश हैं। हमारा मानना है कि आगे यह सेक्टर आउटपरफॉर्म करता नजर आएगा।
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