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Nifty के 20000 पार करते ही मार्केट में दिख सकती है DIIs की मुनाफावसूली

एनालिस्ट्स FIIs की बिकवाली की वजह इकोनॉमी से जुड़े इंडिकेटर्स को बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर DIIs ने बाजार को सहारा नहीं दिया होता तो FIIs की बिकवाली की वजह से बाजार में बड़ी गिरावट आई होती। एफआईआई की खरीदारी के बावजूद मार्केट में तेजी दिख रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 09, 2023 पर 4:47 PM
Nifty के 20000 पार करते ही मार्केट में दिख सकती है DIIs की मुनाफावसूली
एनालिस्ट्स का कहना है कि DIIs पर मार्केट में शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से असर नहीं पड़ेगा। दरअसल, म्यूचुतअल फंड्स की स्कीमों में बहुत अच्छा निवेश हो रहा है। इसलिए डीआईआई यह पैसा स्टॉक्स में लगा रहे हैं।

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) इंडियन मार्केट में बिकवाली कर रहे हैं। 1 अगस्त, 2023 से अब तक वे 55,723 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं। इस बीच, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने घरेलू बाजार में 49,763 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। अगर FIIs की बिकवाली का यह ट्रेंड जारी रहता है तो इसका असर IT और Infra शेयरों पर पड़ सकता है। ये दोनों एफआईआई की पहली पसंद रहे हैं। हालांकि, DIIs की खरीदारी से इंफ्रा और कंज्यूमर कंपनियों के शेयरों में उछाल दिख सकता है। एनालिस्ट्स FIIs की बिकवाली की वजह इकोनॉमी से जुड़े इंडिकेटर्स को बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर DIIs ने बाजार को सहारा नहीं दिया होता तो FIIs की बिकवाली की वजह से बाजार में बड़ी गिरावट आई होती। एफआईआई की खरीदारी के बावजूद मार्केट में तेजी दिख रही है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज से चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि निफ्टी के 20,000 से ऊपर जाने पर DIIs की तरफ से मुनाफावसूली हो सकती है।

FIIs की बिकवाली की यह है वजह

FII की बिकवाली और DIIs की खरीदारी जारी रहने से मार्केट में उतार-चढ़ाव भी बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि एफआईआई की बिकवाली से रुपये पर भी दबाव बन सकता है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 2007 के बाद सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई है। डॉलर इंडेक्स 106 को पार कर गया है। इंटरेस्ट रेट के लंबे समय तक हाई बने रहने का अनुमान जताया जा रहा है। इसका असर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ना तय है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट अरविंद सिंह नंदा ने कहा कि बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, हाई क्रू़ड ऑयल प्राइस और डॉलर इंडेक्स में उछाल से विदेशी निवेशक इंडिया में बिकवाली कर रहे हैं।

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