HUL के कमजोर नतीजों से 1% लुढ़का निफ्टी FMCG इंडेक्स, P&G और कोलगेट पामोलिव के शेयर भी टूटे, जानें कारण

FMCGs Stocks: साबुन, तेल और शैंपू जैसी रोजाना उपभोग के सामान बेचने वाली FMCGs कंपनियों के शेयरों में गुरुवार 23 जनवरी को तगड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी FMCG इंडेक्स कारोबार के दौरान 1 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। यह गिरावट हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) की दिसंबर तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद आई है

अपडेटेड Jan 23, 2025 पर 12:57 PM
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FMCG Stocks: HUL के सीईओ रोहित जावा ने कहा कि निकट भविष्य में मांग कमजोर बने रहने की संभावना है

FMCGs Stocks: साबुन, तेल और शैंपू जैसी रोजाना उपभोग के सामान बेचने वाली FMCGs कंपनियों के शेयरों में गुरुवार 23 जनवरी को तगड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी FMCG इंडेक्स कारोबार के दौरान 1 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। यह गिरावट हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) की दिसंबर तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद आई है। HUL के नतीजों से शहरी इलाकों में मांग कमजोर होने के संकेत भी मिल रहे हैं, जो निवेशकों की चिंता का एक और कारण है।

HUL ने बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़कर 2,989 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,508 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस लाभ में इसके Pureit बिजनेस की बिक्री से हुई एकमुश्त कमाई भी शामिल हैं। अगर इसे हटा दें तो फिर HUL का दिसंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा 2,540 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी है।

कंपनी ने बताया कि दिसंबर तिमाही के दौरान शहरी इलाकों में खपत दबाव में रही और मांग में सुधार की गति धीमी रही। वॉल्यूम ग्रोथ भी सपाट रही, जो एनालिस्ट्स के अनुमानों से कम था। कुछ सेगमेंट के वॉल्यूम ग्रोथ में गिरावट भी देखी गई।


शेयरों में गिरावट का असर

अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक के अनुसार, HUL के कमजोर नतीजे पूरे FMCG सेक्टर की मांग के लिए खतरे का संकेत देते हैं। शहरी इलाको में ग्राहक छोटे पैक की ओर रुख कर रहे हैं, जो कंजम्प्शन में गिरावट का संकेत है। इसका असर निफ्टी FMCG इंडेक्स पर भी पड़ा। HUL के साथ-साथ नेस्ले इंडिया (Nestle India), कोलगेट-पामोलिव (Colgate-Palmolive), और यूनाइटेड ब्रुअरीज (United Breweries) के शेयरों में भी 1% तक की गिरावट देखी गई।

आगे की रणनीति

HUL के CEO रोहित जावा ने कहा कि निकट भविष्य में मांग कमजोर बने रहने की संभावना है, क्योंकि शहरी इलाकों में खपत कमजोर है। हालांकि कंपनी का मानना है कि यह समस्या लंबी अवधि तक नहीं रहेगी और कमोडिटी महंगाई में सुधार से खपत को बढ़ावा मिलेगा।

HUL के चीफ फाइनेंस ऑफिसर रितेश तिवारी ने कहा, "हमें नहीं लगता कि कंजम्प्शन ट्रेंड में कोई बड़ा खतरा है। हमने कोविड के दौरान भी ऐसा देखा था। हम ग्राहकों को बड़े पैक खरीदने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।" कंपनी को उम्मीद है कि कमोडिटी कीमतों में सुधार और उपभोक्ता मांग को प्रोत्साहित करने वाले उपायों से स्थिति में सुधार होगा। हालांकि, निकट अवधि में FMCG सेक्टर के दबाव में रहने की संभावना है।

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