IT Stocks Crash: आईटी कंपनियों के शेयरों में आज रिकवरी नहीं हो पाई और बिकवाली का दबाव बना रहा। शुरुआती हाहाकार से रिकवरी करते हुए मार्केट में रौनक लौट आई लेकिन निफ्टी आईटी (Nifty IT) आज का टॉप लूजर बना रहा। वैश्विक टेक कंपनियों के शेयरों की कमजोरी और लगातार मजबूत हो रहे एआई मॉडल को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच घरेलू मार्केट में आईटी शेयरों धड़ाम हो गए। एंथ्रोपिक (Anthropic) ने अभी हाल ही में Claude Fable 5 लॉन्च किया था जिससे आईटी सेक्टर में हाहाकार मचाया हुआ है। इसे लेकर आशंका जताई जा रही है कि यह आईटी सर्विसेज इंडस्ट्रीज को पूरी तरह बदल सकता है।
पूरे आईटी सेक्टर यानी लॉर्ज से मिडकैप तक हाहाकार
निफ्टी आईटी की बात करें फिलहाल यह 1.3% की गिरावट के साथ 27,901 पर है। इसमें शामिल इंफोसिस (Infosys) और एचसीएल टेक (HCL Tech) 2-2% से अधिक टूट गया। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और विप्रो (Wipro) भी आधे फीसदी से अधिक टूट गया। सिर्फ यही नहीं, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और कोफोर्ज जैसे मिडकैप आईटी शेयरों में भी भारी गिरावट आई जो पूरे सेक्टर में भारी बिकवाली का संकेत दे रहा है।
Anthropic के Claude Fable 5 ने कैसे बनाया दबाव
एंथ्रॉपिक ने मंगलवार को Claude Fable 5 नाम से एक नया “Mythos-class” एआई मॉडल पेश किया। कंपनी के मुताबिक इस मॉडल से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और जानकारी वाले काम की क्षमता में बड़ा सुधार दिखेगा। बड़े पैमाने पर इसे कंपनियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इस लॉन्च के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है कि मजबूत एआई मॉडल पहले से चले आ रही आईटी इंडस्ट्री पर किस हद तक असर डाल सकती है। निवेशकों की नजर फिलहाल इस बात पर है कि क्या जनरेटिव एआई वैश्विक आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री के रेवेन्यू बेस के बड़े हिस्से कोडिंग, मेंटेनेंस और कंसल्टिंग को ऑटोमेट कर सकता है या नहीं।
ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि एआई के चलते अगली आठ से नौ तिमाहियों तक आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री तक दबाव और रह सकता है। एचएसबीसी का यह भी कहना है कि विलय और अधिग्रहण (M&A) एक्टिविटी में उछाल एआई से जुड़े खतरों को और बढ़ा सकती हैं और सेक्टर का वैल्यूएशन कमाई के मुकाबले 13-14 गुना तक नीचे आ सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी आने वाले समय में और बढ़ सकती है। उनका कहना है कि शुक्रवार से अमेरिकी टेक शेयरों में जो कमजोरी दिखी, उसके और तेज होने की आशंका है। इसके बावजूद उनका मानना है कि भारत में विदेशी निवेशकों के लौटने की संभावना नहीं दिख रहा है क्योंकि उनकी दिलचस्पी नहीं दिख रही है। हालांकि उनका कहना है कि अगर एआई शेयरों में तेज गिरावट आती है, तो स्थिति बदल सकती है तो ऐसे में एआई शेयरों के रुझानों पर नजर रखना होगा।
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