Nifty अगले 12 महीनों में जा सकता है 29,000 के पार - पीएल कैपिटल
ब्रोकरेज ने हॉस्पिटल, फार्मा, कैपिटल गुड्स और केमिकल सेक्टर में मजबूत EBITDA ग्रोथ की उम्मीद जताई है, जबकि ऑटो, बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में दोहरे अंकों की बढ़त की उम्मीद है
MoneyControl News
अपडेटेड Oct 16, 2024 पर 7:19 PM
PL Capital conviction list : पीएल कैपिटल ने हाल की तेजी के बाद सीमेंस, प्राज इंडस्ट्रीज, अपार और ल्यूपिन लैब्स जैसे शेयरों को अपने टॉप पिक्स से हटा दिया है
पीएल कैपिटल की ताजे इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर बुल्स मजबूत वापसी करते हैं, तो निफ्टी 50 अगले 12 महीनों में 29,000 के पार जा सकता है। ब्रोकरेज ने अपने बुल केस टारगेट को बढ़ाकर 29,260 कर दिया है। जबकि इसका पिछला पूर्वानुमान 28,564 का था। पीएल कैपिटल का अनुमान है कि बेस केस की स्थिति में भी निफ्टी 27,867 तक पहुंच सकता है, जो पहले के 26,820 के अनुमान से ज्यादा है। हालांकि, मंदी की स्थिति में निफ्टी 25,080 तक गिर सकता है।
आज 16 अक्टूबर को बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ है। रियल्टी को छोड़कर सभी सेक्टरों में बिकवाली के बीच निफ्टी 25,000 से नीचे आ गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 318.76 अंक या 0.39 फीसदी गिरकर 81,501.36 पर और निफ्टी 86 अंक या 0.34 फीसदी गिरकर 24,971.30 पर बंद हुआ।
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव, यूएस फेड द्वारा 50 आधार अंकों की दर कटौती और भारतीय राज्य चुनावों से प्रभावित बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच, पिछले छह हफ्तों से निफ्टी ज्यादातर सपाट रहा है। पीएल कैपिटल ने कहा कि इसके बावजूद, पिछले छह महीनों में एफआईआई निवेश 335 अरब रुपये बढ़ा है। जबकि डीआईआई निवेश 891 अरब रुपये पर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर रहें नजरें
पीएल कैपिटल का कहना है कि आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर नजरें बनी रहनी चाहिए। "चूंकि चुनाव परिणाम रक्षा, आव्रजन और एनर्जी जैसे क्षेत्रों को आकार देंगे, इसलिए भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह अमेरिकी नीतिगत बदलावों का आकलन करे और अपने हितों को ध्यान में रखते हुए उसके मुताबिक ढल जाए।"
घरेलू मोर्चे पर, पीएल कैपिटल ने भाजपा और विपक्ष दोनों द्वारा राज्य चुनावों से पहले नकदी वितरण और ऋण माफी जैसे लोकलुभावन वायदों पर चिंता व्यक्त की। पीएल कैपिटल ने कहा, "चुनावी वादों को पूरा करने के लिए राजस्व व्यय में बढ़त से राजकोषीय घाटा बढ़ने की संभावना है। इसके बुनियादी ढांचे के विकास में होने वाले खर्च पर खराब असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी इसी तरह के रुझान देखने को मिले हैं।
इन सेक्टर्स पर रहे नजर
पीएल कैपिटल का कहना है की निवेशकों के कैपिटल गुड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट, ईएमएस, हॉस्पिटल, न्यू एनर्जी, ई-कॉमर्स और टेलीकॉम सेक्टर पर नजर रखनी चाहिए। इन सेक्टरों में सही वैल्यूएशन वाले शेयरों पर ही दांव लगाने की सलाह है। ब्रोकरेज को अस्पताल, फार्मा, कैपिटल गुड्स और केमिकल में मजबूत EBITDA ग्रोथ की उम्मीद है, जबकि ऑटो, बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।
पीएल कैपिटल का कहना है कि ग्रामीण मांग में सुधार के संकेत दिख रहे हैं, लंबे समय तक बारिश होने से दूसरी तिमाही के नतीजे प्रभावित हो सकते हैं। ट्रैवल, हाउंसिंग, ज्वेलरी और दोपहिया वाहनों पर डिस्क्रिशनरी खर्च मजबूत बना हुआ है, लेकिन पैसेंजर वाहन, क्विक सर्विस रेस्तरां और बिल्डिंग मटेरियल में चुनौतियां बनी हुई हैं।
पीएल कैपिटल की टॉप पिक्स
पीएल कैपिटल ने हाल की तेजी के बाद सीमेंस, प्राज इंडस्ट्रीज, अपार और ल्यूपिन लैब्स जैसे शेयरों को अपने टॉप पिक्स से हटा दिया है। जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, क्रॉम्पटन कंज्यूमर, साइएंट, जेबी केमिकल्स, जिंदल स्टेनलेस और सफारी को अपनी पसंदीदा सूची में शामिल कर लिया है।
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