Nifty Outlook: तीन हफ्तों में 2000 अंक गिरा निफ्टी, क्या अब आएगी तेजी? जानिए एक्सपर्ट से
Nifty Outlook: निफ्टी तीन हफ्तों में अपने हालिया स्विंग हाई से करीब 2000 अंक गिर चुका है। बाजार टेक्निकल करेक्शन के करीब है। कच्चे तेल की तेजी, कमजोर ग्लोबल संकेत और मजबूत डॉलर से दबाव बना है। एक्सपर्ट्स ने मंगलवार, 10 मार्च के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल बताए हैं।
Nifty Outlook: शेयर बाजार में बेयर्स की पकड़ और मजबूत हो गई है। भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते की शुरुआत कमजोर रुख के साथ की और गिरावट का सिलसिला जारी रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच 9 मार्च को शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 करीब 700 अंक तक लुढ़क गया था।
कारोबार के दौरान निफ्टी 23,697 के इंट्राडे लो तक फिसल गया था। इसके बाद बाजार में कुछ रिकवरी आई। आखिर में यह 422 अंक गिरकर 24,028 के लेवल पर बंद हुआ। सोमवार की इस बिकवाली में निवेशकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। निफ्टी पिछले तीन हफ्तों में अपने हालिया स्विंग हाई से करीब 2,000 अंक गिर चुका है।
निफ्टी अब टेक्निकल करेक्शन के करीब पहुंच गया है। टेक्निकल करेक्शन का मतलब होता है हाल के उच्च स्तर से करीब 10 प्रतिशत की गिरावट। निफ्टी ने 5 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी।
किन शेयरों में रही बढ़त और गिरावट
निफ्टी के शेयरों में विप्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अपोलो हॉस्पिटल्स में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। वहीं टाटा मोटर्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और मारुति सुजुकी इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट रही और ये प्रमुख गिरने वाले शेयर बने।
गिरावट लगभग सभी सेक्टरों में देखने को मिली। निफ्टी आईटी ही ऐसा सेक्टर रहा जो हरे निशान में बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी मेटल जैसे सेक्टरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया।
ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखाई दी। हालांकि दोनों इंडेक्स अपने इंट्राडे लो से करीब 1.5 प्रतिशत तक उछले, लेकिन इसके बावजूद निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 1.97 प्रतिशत और 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
कच्चे तेल में तेज उछाल : कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा दबाव बनकर उभरा है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के कारण सोमवार को तेल की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत की तेजी आई और यह 115 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। भारत जैसे देश के लिए यह खास तौर पर नकारात्मक है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी : भू राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भी दबाव देखा गया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज से जुड़े फ्यूचर्स करीब 489 अंक तक गिर गए, जबकि इससे पहले इनमें 1,000 अंक से ज्यादा की गिरावट देखी गई थी। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स करीब 0.9 प्रतिशत और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स करीब 1 प्रतिशत तक फिसल गए।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती : मजबूत अमेरिकी डॉलर ने भी उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ाया। यूएस डॉलर इंडेक्स करीब 100 के आसपास बना हुआ है, जबकि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग रिकॉर्ड निचले स्तर 92.34 के करीब पहुंच गया है। आमतौर पर मजबूत डॉलर मेटल जैसे सेक्टरों पर दबाव डालता है और आयातित महंगाई का खतरा भी बढ़ाता है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक बाजार का स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर बनी हुई है। सोमवार को इंडेक्स ने करीब 23,700 के पास नया लो बनाया है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में निफ्टी 24,200 से 24,300 के दायरे तक पुलबैक कर सकता है। हालांकि इस स्तर पर दोबारा बिकवाली देखने को मिल सकती है, इसलिए इसे 'बढ़त पर बिकवाली' का मौका माना जा सकता है।
कब आ सकती है रिकवरी
Bajaj Broking के एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 23,700 के सपोर्ट लेवल के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है तो आने वाले सेशंस में इसमें 24,400 से 24,500 तक की रिकवरी देखने को मिल सकती है।
हालांकि अगर यह स्तर टूटता है तो गिरावट और बढ़ सकती है और निफ्टी 23,400 से 23,200 के दायरे तक फिसल सकता है।
23,850 के नीचे टूटा तो...
SBI Securities के सुदीप के मुताबिक 23,880 से 23,850 का जोन फिलहाल एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर निफ्टी 23,850 के नीचे मजबूती से टूटता है तो बाजार में नई बिकवाली शुरू हो सकती है और इंडेक्स 23,700 तक गिर सकता है।
वहीं ऊपर की तरफ 24,130 से 24,150 का दायरा फिलहाल तुरंत रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा। इस रेंज के ऊपर ब्रेकआउट मिलने पर ही बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिल सकती है।
शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी मंदी वाला
इस बीच HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी साफ तौर पर कमजोर बना हुआ है, क्योंकि इंडेक्स अभी भी प्रमुख मूविंग एवरेजेज के नीचे ट्रेड कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सोमवार का इंट्राडे लो 23,697 फिलहाल तत्काल सपोर्ट के रूप में काम करेगा। वहीं किसी भी राहत वाली तेजी को 24,300 से 24,400 के दायरे में मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
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