Short Call: निफ्टी 2025 में किस लेवल पर पहुंच जाएगा, Swiggy और LT Foods क्यों सुर्खियों में हैं?

साल 2024 खत्म होने जा रहा है। स्टॉक मार्केट्स खासकर Nify और Sensex के लिए यह खास काफी अहम रहा है। इस साल दोनों सूचकांकों ने ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बनाए। फिर वे फिसल गए। इसकी बड़ी वजह सितंबर तिमाही में कंपनियों की खराब अर्निंग्स ग्रोथ थी। अब नजरें 2025 में मार्केट के प्रदर्शन पर लगी हैं

अपडेटेड Nov 27, 2024 पर 10:00 AM
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सिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निफ्टी 50 के 2025 में 25,000 पर पहुंच जाने का अनुमान है। ध्यान में रखने वाली बात है कि यह इस लेवल को पार करने के बाद नीचे आया है।
     
     
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    सितंबर तिमाही के नतीजों का सीजन खत्म हो चुका है। इस दौरान कंपनियों का प्रदर्शन खराब रहा है। मार्केट में हालिया गिरावट (करेक्शन) के बावजूद कई स्टॉक्स की वैल्यूएशन अब भी ज्यादा है। कंजम्प्शन में सुस्ती के संकेत दिख रहे हैं। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि 2025 में मार्केट में ज्यादा तेजी नहीं आएगी। विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निफ्टी 50 के 2025 में 25,000 पर पहुंच जाने का अनुमान है। ध्यान में रखने वाली बात है कि यह इस लेवल को पार करने के बाद नीचे आया है। एमके ग्लोबल ने निफ्टी के टारगेट को 26,000 से घटाकर 25,000 कर दिया है।

    Goldman Sachs को इंडियन मार्केट का प्रदर्शन अच्छा रहने की उम्मीद है। उसने Nifty 50 के दिसंबर तक 27,000 तक पहुंच जाने का अनुमान जताया है। इसका मतलब है कि यहां से निफ्टी 11.6 फीसदी चढ़ सकता है। लेकिन, अगर निफ्टी के ऑल-टाइम हाई से इसकी तुलना करें तो यह सिर्फ 2.7 फीसदी रिटर्न होगा। हालांकि, FY26 में अर्निंग्स में रिकवरी दिख सकती है। अनुमान है कि FY25 की दूसरी छमाही में सरकार पूंजीगत खर्च बढ़ाएगी। अगली कुछ तिमाहियों में अनसेक्योर्ड लोन सेगमेंट में दबाव घटेगा। कंजम्प्शन में इम्प्रूवमेंट दिखेगा। इससे हालात फिर से बेहतर हो जाएंगे।

    Swiggy

    स्विगी के शेयर 26 नवंबर को 9.03 फीसदी चढ़कर 469.6 रुपये पर बंद हुए। इसकी वजह विदेशी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस की रिपोर्ट है। यूबीएस ने Swiggy के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि अभी स्विगी के शेयरों में Zomato के मुकाबले 35 फीसदी डिस्काउंट पर ट्रेडिंग हो रही है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेगमेंट में स्विगी और जोमैटो के बीच का फर्क घट रहा है। खासकर मार्जिन और स्केल के मामले में फर्क कम हुआ है। स्विगी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लेकिन, अब भी इम्प्रूवमेंट की गुंजाइश है। बेयर्स का मानना है कि स्विगी के लिए प्रॉफिट में आने का मौका तो दिख रहा है, लेकिन इसका फायदा उठाने के दौरान कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।


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    LT Foods

    एलटी फूड्स के शेयरों में 26 नवंबर को 2.07 फीसदी तेजी आई। कंपनी सऊदी अरब के 2 अरब डॉलर के चावल बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसे SAILC का सपोर्ट हासिल है, जो इसका शेयरहोल्डर है। कंपनी ने सऊदी अरब में कारोबार से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश किया है। लोकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने से सऊदी अरब के मार्केट में उसे अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही वह अगले कुछ सालों में इस पूरे इलाके में अपने कारोबार का विस्तार कर सकती है। बेयर्स का कहना है कि सऊदी अरब को लेकर LT Foods का प्लान अच्छा है। लेकिन, उसे कड़ी प्रतिस्पर्धा, रेगुलेटरी बाधाएं और एग्जिक्यूशन रिस्क का सामना करना पड़ेगा। इसका असर रेवेन्यू टारगेट हासिल करने की कंपनी की कोशिशों पर पड़ सकता है।

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