यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए काफी खराब रहा। हफ्ते के पांचों दिन शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स गिरकर बंद हुए। बीते चार महीनों में यह शेयर बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट वाला हफ्ता रहा। इस दौरान बाजार के प्रमुख सूचकांक 2.33 फीसदी तक टूट गए। इससे पहले 14 मार्च को खत्म हफ्ते में शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी।
दोनों प्रमुख सूचकांक अहम मूविंग एवरेजेज से नीचे
Sensex और Nifty दोनों ही अपने अहम मूविंग एवरेजेज से नीचे आ गए हैं। RSI गिरकर 42.87 पर आ गया है, जिससे बेयरिश मोमेंटम बढ़ने का संकेत मिलता है। अगले हफ्ते अगर निफ्टी 23,600 के सपोर्ट लेवल को तोड़ देता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ जाएगा। फिर निफ्टी गिरकर 23,400-23,350 के जोन में जा सकता है। लेकिन,एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक यह सपोर्ट कायम रहता है, 23,950-24,050 की रेंज पर करीब नजर रखने की जरूरत है।
टेक्निकल इंडिकेटर्स बेयर्स का कंट्रोल बढ़ने का दे रहे संकेत
बीते 28 कारोबारी सत्रों में निफ्टी में 24,531-23,785 की रेंज में कंसॉलिडेशन दिखा है। डेली चार्ट पर निफ्टी ने दोनों ही तरफ माइनर शैडो के साथ बुलिश कैंडल बनाया है, जिससे संकेत मिलता है कि निगेटिव क्लोज के बावजूद 23,600 के लेवल के करीब बाइंग इंटरेस्ट है। वीकली चार्ट्स पर इसने लॉन्ग बेयरिश कैंडलस्टिक बनाया है, जो सेलर्स का कंट्रोल बढ़ने का संकेत देता है।
23650-23600 पर निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट
एंजल वन में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च के चीफ मैनेजर ओशो कृशन के मुताबिक, हालिया टेक्निकल संकेतों से शॉर्ट टर्म में निफ्टी 50 का आउटलुक कमजोर दिख रहा है। जियोपॉलिटिकल से जुड़ी किसी खराब खबर से चार्ट स्ट्रक्चर और कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "23,650-23,600 इंटरमीडियट सपोर्ट जोन हो सकता है। इसके बाद 23,400-23,350 पर सपोर्ट है। तेजी की स्थिति में 23,950-24,000 के जोन में बड़ा रेसिस्टेंस मिलेगा।"
इंडिया वीआएक्स के 15 के ऊपर जाने पर रिस्क बढ़ जाएगा
इंडिया वीआईएक्स 4.12 फीसदी उछाल के साथ 14,03 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह एस समय 14.77 के लेवल पर पहुंच गया था। यह बुल्स में बेचैनी का संकेत देता है। अगर यह 15 के लेवल को पार करता है तो बुल्स के लिए रिस्क काफी बढ़ जाएगा। ट्रेडर्स को इनवेस्टर्स को सावधान रहने की जरूरत है। फिलहाल, बड़ी पोजीशन लेने से बचने की सलाह है।
क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर बढ़ाया दबाव
क्रूड की बढ़ती कीमतों ने शेयर बाजार पर दबाव बढ़ाया है। फिलहाल यह बाजार के लिए बड़ा रिस्क है। हालांकि, बेंट्र क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड में हालिया हाई लेवल से गिरावट आई है। 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया था। फिलहाल यह 98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। डब्ल्यूटीआई क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
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