मध्य जून के बाद भारतीय बाजारों में जोरदार तेजी आई और एक बार तो ये अपने ऑल-टाइम हाई के एक दम करीब भी पहुंचता नजर आया। भारतीय बाजारों की इस तेजी ने हर किसी को अचंभित कर दिया। बाजार के जानकार और निवेशक ये भी सोचने लगे किया क्या ये किसी नई रैली की शुरुआत है? इस पर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय है। स्टॉक ट्रेडिंग में इचिमोकू इंडीकेटर और हारमोनिक पैटर्न (indicators and harmonic patterns) का इस्तेमाल करने वाले टेक्निकल एनालिस्ट दिनेश नागपाल ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कहा कि भारतीय बाजोरों में हाल में आई तेजी एक बीयर मार्केट रैली है। इस समय बाजार में ट्रेड करना ही सबसे सही रणनीति है।
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि अगर निफ्टी 17700 के सपोर्ट लेवल के ऊपर टिका रहता है तो फिर इसमें 18400 तक की रैली देखने को मिल सकती है। यहां से हमें लॉर्ज कैप की तुलना में स्मॉल कैप ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते नजर आ सकते हैं। अगर निफ्टी 17100 के नीचे फिसलता है तो फिर यह गिरावट और तेज होगी। ऐसे में हमें शॉर्ट पोजिशन पर फोकस करना चाहिए और उछाल में बिकवाली की रणनीति अपनानी चाहिए ।
उन्होंने यह भी कहा है कि निफ्टी के 16400 के करीब पहुंचने पर हमें सर्तक हो जाना चाहिए क्योंकि इसके नए हाई बनाने की कोई संभावना नहीं है। हालांकि कुछ स्टॉक ऐसे हो सकते है जो अच्छा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि बैंकिंग सेक्टर में ICICI Bank के बाद अब हमें HDFC Bank और Axis Bank की तरफ से शानदार तेजी देखने को मिल सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि "अगले हफ्ते बैंक निफ्टी में 38,000 की तरफ एक छोटा पुलबैक देखने को मिल सकता है। लेकिन मैं इंडेक्स पर बुलिश ना होकर बैंकिंग सेक्टर के चुनिंदा शेयरों पर बुलिश हूं"। उम्मीद है कि आगे Axis Bank 800 रुपये का लेवल और HDFC Bank 1700 रुपये का लेवल छूता नजर आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ICICI Bank में अभी 10 फीसदी की और तेजी देखने को मिल सकती है।
क्या निफ्टी 18400 का लेवल पार कर सकता है ? इस सवाल का जवाब देते हुए दिनेश नागपाल ने कहा कि हमें निफ्टी के नए हाई लगाने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। हमारे बाजार मजबूत हैं लेकिन ग्लोबल फिक्चर बहुत धुंधली है। भारतीय बाजारों का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से बेहतर रहेगा। लेकिन अगर ग्लोबल मार्केट में लगातार कमजोरी आनी कायम रहेगी तो हम भी इससे बचकर नहीं रह पाएंगे।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़त और डॉलर में मजबूती बाजार के लिए बड़ी चुनौती हैं। अगर कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल को पार करता है तो हमें शेयरों के चुनाव में बहुत सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस समय बाजार घरेलू फैक्टर की तुलना में ग्लोबल फैक्टर पर ज्यादा निर्भर है।
आईटी सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस सेक्टर का दर्द अभी कम नहीं हुआ है। आईटी इंडेक्स 27000 के आसपास स्थित जून के लो को भी तोड़ सकता है। ऐसे में हमारी सलाह होगी कि आईटी इंडेक्स के 32000 के आसपास आने पर अपनी पोजिशन हल्की करें और एग्रेसिव लॉन्ग पोजिशन लेनें से बचें।
FMCG सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि FMCG में उनकी बिकवाली की सलाह नहीं है। अगर आप FMCG में खरीदारी नहीं करते तो भी इसमें बिकवाली ना करें और तटस्थ रवैया बनाए रखें। इस समय महंगाई का स्तर इतना ऊंचा है कि हमें इस सेक्टर के साथ कोई पंगा नहीं लेना चाहिए। FMCG शेयर में डिफेंसिव प्लेयर के तौर पर एचयूएल, आईटीसी दिनेश नागपाल को पसंद हैं।
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