जेफरीज के ग्लोबल हेड इक्विटीज क्रिस्टोफ़र वुड (Christopher Wood) का कहना है कि भारत एशिया का बुनियादी रूप से सबसे मजबूत बाजार है। इस साल भारतीय बाजारों ने जिस तरह की मजबूती दिखाई है उसको देखकर मैं आश्चर्यचकित हूं। भारत पर क्रिस्टोफ़र वुड का नजरिया काफी बुलिश है। उन्होंने अपने एशिया (जापान को छोड़कर) लॉन्ग ओनली पोर्टफोलियो में भारत को 40 फीसदी का सबसे बड़ा वेटेज दिया है।
बता दें कि इसके पहले मई 2022 में क्रिस्टोफ़र वुड ने कहा था कि अगर निफ्टी 14500 के नीचे फिसलता है तो वो और खरीदारी करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और निफ्टी 15000 के आसपास से एक बार फिर ऊपर की तरफ उछाल भरता नजर आया।
25 अगस्त को प्रकाशित अपने वीकली न्यूज लेटर ग्रीड एंड फीयर में क्रिस्टोफ़र वुड ने उम्मीद जताई है कि पिछले साल की जोरदार तेजी और मोद्रिक नीतियों में कड़ाई का चक्र शुरू होने के साथ ही 2022 में भारतीय बाजार कंसोलिडेट होता नजर आएगा। गौरतलब है कि मई से अब तक आरबीआई ने ब्याज दरों में 1.40 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इस बीच महंगाई में भी थोड़ी कमी आई है। हालांकि यह अभी भी आरबीआई के टॉलरेंस लेवल से ऊपर है।
क्रिस्टोफ़र वुड ने ग्रीड और फीयर के अपने ताजा संस्करण में कहा है कि " सच्चाई यह है कि भारतीय बाजार ने अब तक ग्रीड और फीयर सहित हर किसी को सरप्राइस किया है। भारतीय बाजारों ने पूरी दुनिया में छाई मंदी, हाई वैल्यूएशन, एफआईआई की भारी बिकवाली और मौद्रिक नीतियों में आती कड़ाई के बीच जिस तरह से मजबूती दिखाई है यह अपने में बहुत आश्चर्यजनक है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय बाजार का यह प्रदर्शन उसकी बुनियादी मजबूती की और इशारा करता है।
क्रिस्टोफर वुड ने इस ओर भी इशारा किया है कि मध्य जून से अब तक निफ्टी में 16.6 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। वहीं MSCI इंडिया इंडेक्स ने जून के अंत तक MSCI AC Asia Pacific ex-Japan Index की तुलना में 16.5 फीसदी ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके अलावा पिछले कुछ महीनों से एफआईआई एक बार फिर भारत की ओर रुख करते नजर आ रहे हैं जो भारतीय बाजार की बुनियादी मजबूती की और संकेत करता है।
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