क्रेडिट सुइस वेल्थ मैनेजमेंट (Credit Suisse Wealth Management) के जीतेंद्र गोहिल ने बाजार की आगे की दशा-दिशा और देश की इकोनॉमी पर मनीकंट्रोल से एक लंबी बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि क्रेडिट सुइस भारतीय इक्विटी बाजार पर अंडरवेट ना होकर रणनीतिक तौर पर न्यूट्रल नजरिया रखता है। इस बातचीत में उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि चूंकि भारतीय बाजार का मीडियम टर्म आउटलुक काफी अच्छा नजर आ रहा है। ऐसे में हमें हर गिरावट पर खरीद की रणनीति अपनानी चाहिए।
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल इकोनॉमिक कंडीशन में कमजोरी के बावजूद भारत काफी अच्छी स्थिति में नजर आ रहा है। कॉर्पोरेट और मैक्रो फंडामेटल्स में अच्छे सुधार के चलते भारत की स्थिति काफी अच्छी दिख रही है। इसके साथ ही जीतेंद्र गोहिल ने इक्विटी निवेशकों को यह सलाह भी दी की उनको अपने पोर्टफोलियों को अच्छी तरह से डायवर्सिफाइड करना चाहिए। बहुत लीवरेज्ड पोजिशन लेने से बचना चाहिए और सुरक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए निवेश करना चाहिए। इसकी वजह ये है कि पिछले कुछ हफ्तों के दौरान ही बाजार अपने निचले स्तरों से करीब 15 फीसदी भाग चुका और अब वैल्यूएशन के नजरिए से थोड़ा महंगा नजर आ रहा है।
बाजार के उतार-चढ़ाव भरे माहौल के बावजूद क्रेडिट सुइस का नजरिया मिडकैप पर पिछले साल के अंत से ही ओवरवेट है और ये मैनेजमेंट फर्म अभी भी अपने इस नजरिए पर कायम है। बाजार पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि बाजार के एक बार फिर जून के लो की तरफ जाने की बहुत कम संभावना है। बाजार 2023 में यूएस फेड की तरफ से रेट कट होने का अंदाजा लगाकर चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 120-125 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार करती है और जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ता है तब ही हमें भारतीय बाजार पर नए सिरे से दबाव बनता दिख सकता है।
क्या जल्द शुरु होने वाला फेस्टिव सीजन अच्छा रहेगा? और फेस्टिव सीजन को ध्यान में रखते हुए हमें कहा दांव लगाना चाहिए? इस सवाल का जवाब देते हुए जीतेंद्र गोहिल ने कहा 2 साल बाद हमें इस बार का फेस्टिव सीजन सामान्य रहने का अनुमान है। क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च, मॉल्स के फुट फॉल, ट्रैवल, रीटेल क्रेडिट जैसे तमाम आंकड़े बता रहे हैं कि बाजार और इकोनॉमी की स्थिति में अच्छा सुधार हुआ है। ऐसे में निवेश के नजरिए से हमारा फोकस बैंक, एनबीएफसी, एफएमसीजी और ऑटो कंपनियों पर रहेगा। वहीं अगर कच्चे तेल की कीमतें नियत्रंण में रहती हैं तो नियरटर्म के नजरिए से टूरिज्म और एविएशन जैसे सेक्टर भी अच्छे नजर आ रहे हैं। हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के फोकस के चलते सीमेंट शेयरों में भी जोश देखने को मिल सकता है।
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