HR Hygiene IPO Listing: सैनिटरी नैपकिन बनाने वाली एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 6 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹88 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹90.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 2.27% का लिस्टिंग गेन (HR Hygiene Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹88.00 (HR Hygiene Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब न मुनाफे में हैं और न घाटे में।
HR Hygiene IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स का ₹54 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29-31 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 6.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.81 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 11.83 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 6.74 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹43 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 12,25,600 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹31.36 करोड़ गुजरात के राजकोट में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹3.57 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
HR Hygiene Products के बारे में
एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स बच्चों से लेकर वयस्कों के लिए सैनिटरी नैपकिन बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री फेमिस (Femiss), वुमनिका (Womanica), एल्डरफिट (ElderFit) और ब्लूम बॉडी (Bloom Baby) ब्रांड नाम से होती है। इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री बी2बी और बी2सी चैनल से होती है। यह अपने खुद के ब्रांड्स और कुछ ग्राहकों के लिए व्हाइट लेबल अरेंजमेंट्स के साथ सैनिटरी नैपकिन बनाती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 56% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹11.41 करोड़ और टोटल इनकम 24% के सीएजीआर से ₹131.90 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹21.53 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹24.58 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।