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Nikita Papers IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, आईपीओ को भी मिला था फीका रिस्पांस, आपने लगाए थे पैसे?

Nikita Papers IPO Listing: निकिता पेपर्स कागज और कागज से जुड़े प्रोडक्ट्स तैयार करती है। इसका कारोबार देश-विदेश में फैला हुआ है। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jun 03, 2025 पर 3:53 PM
Nikita Papers IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, आईपीओ को भी मिला था फीका रिस्पांस, आपने लगाए थे पैसे?
Nikita Papers IPO Listing: निकिता पेपर्स का ₹67.54 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 मई तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Nikita Papers IPO Listing: कागज और कागज से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाने वाली निकिता पेपर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में भारी डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी मिला-जुला रिस्पांस मिला था और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत 104 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 90.00 रुपये पर एंट्री हुई यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी पूंजी ही 13.46 फीसदी घट गई। डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद और झटका तब लगा, जब शेयर टूटकर 85.50 रुपये (Nikita Papers Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गए। रिकवर होकर यह 92.50 रुपये तक पहुंचा था। हालांकि फिर टूटकर यह 89.50 रुपये पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 13.94 फीसदी घाटे में हैं।

Nikita Papers IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

निकिता पेपर्स का ₹67.54 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 मई तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल यह 1.43 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 0.74 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.11 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 64,94,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से 50 करोड़ रुपये पावर प्लांट लगाने, 5 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आईपीओ से जुड़े खर्चों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

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