वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा-IDBI Bank में विनिवेश का प्रोसेस जारी रहेगा, शेयर 8% तक उछले

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 24 अप्रैल को कहा कि IDBI Bank में सरकार की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में हो रही देर के बारे में पहले बताया गया है। उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक में विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे बैंक के शेयर 8 फीसदी तक उछल गए

अपडेटेड Apr 24, 2026 पर 3:06 PM
Story continues below Advertisement
सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 24 अप्रैल को कहा कि आईडीबीआई बैंक विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे बैंक के शेयरों में उछाल आया। शेयर 8 फीसदी बढ़कर एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर 79.90 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में तेजी में कुछ हो गई। 2:20 मिनट पर बैंक का शेयर 3.24 फीसदी चढ़कर 76.12 रुपये पर चल रहा था। वित्तमंत्री ने एसबीआई के एक प्रोग्राम से इतर यह बात कही।

सरकार बेचना चाहती है 30 फीसदी हिस्सेदारी

निर्मला सीतारमण ने कहा कि IDBI Bank में सरकार की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में हो रही देर के बारे में पहले बताया गया है। उन्होंने कहा, "फिर भी हम (विनिवेश) आगे बढ़ेंगे।" सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। LIC आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। वित्तमंत्री के इस बयान के बाद आईडीबीआई बैंक के शेयरों में तेजी आई। बैंक के करीब 36 करोड़ शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जो 23 अप्रैल को इस समय तक की ट्रेडिंग के मुकाबले 14 गुना है।


पीएसयू बैंकों के कंसॉलिडेशन पर विचार करेगी कमेटी

वित्तमंत्री स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक लोकल हेड ऑफिस के उद्घाटन के लिए पुणे में थीं। इस कार्यक्रम से इतर उन्होंने यह भी कहा कि एक उच्च-स्तरीय बैंकिंग कमेटी सरकार बैंकों के कंसॉसिडेशन के मसले पर विचार करेगी। उन्होंने फरवरी में कहा था कि कमेटी के टर्म्स ऑफ रेफरेंसेज जल्द फाइनल हो जाएंगे। लेकिन, अब तक इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

अभी वित्त मंत्रालय में कंसॉलिडेशन पर विचार नहीं 

सीतामरण ने कहा कि वित्त मंत्रालय के पास अभी कंसॉलिडेशन के बारे में कुछ नहीं है। वित्त मंत्री नहीं चाहती थीं कि कंसॉलिडेशन या बैंकअश्योरेंस के लिए एक यूनिक पार्टनर से जुड़ी कमेटी की चर्चा पर उनके बयान का कोई असर पड़े। उन्होंने कहा कि कमेटी बैंकों के इंश्योरेंस और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स बेचने के ओपन आर्किटेक्चर पर विचार करेगी। इससे बैंकों को ऐसे प्रोडक्ट्स के लिए एक से ज्यादा कंपनी के साथ समझौते की इजाजत मिलेगी।

यह भी पढ़ें: पेट्रोल और डीजल महंगे हुए तो क्या बाजार में बढ़ेगा कोहराम? जानिए क्या हैं एक्सपर्ट्स के जवाब

पहले आए बिड रिजर्व प्राइसे काफी कम अमाउंट के थे

सूत्रों ने इस महीने की शुरुआत में पीटीआई को बताया था कि सरकार ने आईडीबीआई बैंक के लिए संभावित बिडर्स को संशोधित बिड पेश करने को कहा होगा, क्योंकि ऑरिजिनल बिड्स अमाउंट पहले से तय रिजर्व प्राइस के मुकाबले काफी कम थे। एक सीनियर अफसर ने पीटीआई को बताया था कि आईडीबीआई बैंक की स्ट्रेटेजिक सेल टेक्निकल इवैल्यूएशन स्टेज में है। बताया जाता है कि प्रेम वत्स की अगुवाई वाला फेयरफैक्स ग्रुप और एमिरेट्स एनबीडी ने आईडीबीआई में रणनीतिक हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाई थी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।