कैलेंडर ईयर 2023 में रेट कट की उम्मीद नहीं, डिफेंस और इंफ्रा से जुड़ी सरकारी कंपनियां कराएंगी जोरदार कमाई

अजीत बनर्जी का मानना है कि निकट भविष्य में अलनीनो या दूसरी मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से महंगाई बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। मानसून सीजन के दूसरे भाग में हमें अलनीनो से संबंधित समस्या देखने को मिल सकती है। लेकिन इतना तय है कि जून में होने वाली आरबीआई की बैठक में ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इसके साथ ही कैलेंडर ईयर 2023 में किसी रेट कट की भी उम्मीद नहीं है। भारतीय इकोनॉमी कोरोना के प्रभाव से उबर रही है। आगे हमें उपभोक्ताओं की तरफ से होने वाले खर्च में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है

अपडेटेड May 18, 2023 पर 12:59 PM
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कैपिटल गुड्स स्पेस पर बात करते हुए अजीत बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार का फोकस इस समय निवेश आधारित ग्रोथ पर बना हुआ है। ये कैपिटल गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्टर कंपनियों के लिए शुभ है

श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ( Shriram Life Insurance Company) के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफीसर अजीत बनर्जी ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कहा कि उनका मानना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का चक्र खत्म हो गया है। इसलिए ब्याज दरों में अब और बढ़त की उम्मीद नहीं है। हालांकि दरों में बढ़त थमने में थोड़ा समय और लग सकता है। उन्हें ये भी लगता है कि इस साल फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के आंकड़े काफी मजबूत रहेंगे। ऐसे में इस वर्ष फाइनेंशियल सेक्टर की कुछ कंपनियों को छोड़ कर अधिकांश कंपनियां डबल डिजिट रिटर्न दे सकती है। हालांकि ग्लोबल चुनौतियों का सामना कर रही कुछ कंपनियां इसका अपवाद हो सकती हैं।

कैपिटल मार्केट का 29 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले अजीत बनर्जी बुनियादी ढांचा, ऊर्जा, रक्षा, रेलवे और कंस्ट्रक्शन से संबंधित सरकारी कंपनियों को लेकर काफी बुलिश हैं।

कैलेंडर ईयर 2023 में किसी रेट कट की उम्मीद नहीं


अजीत बनर्जी का मानना है कि निकट भविष्य में अलनीनो या दूसरी मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से महंगाई बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। मानसून सीजन के दूसरे भाग में हमें अलनीनो से संबंधित समस्या देखने को मिल सकती है। लेकिन इतना तय है कि जून में होने वाली आरबीआई की बैठक में ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इसके साथ ही कैलेंडर ईयर 2023 में किसी रेट कट की भी उम्मीद नहीं है।

खपत वाले शेयरों में तेजी की उम्मीद

खपत वाले शेयरों से जुड़े सवाल पर बात करते हुए अजीत बनर्जी ने कहा कि भारतीय इकोनॉमी कोरोना के प्रभाव से उबर रही है। आगे हमें उपभोक्ताओं की तरफ से होने वाले खर्च में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में खपत से जुड़े शेयरों में तेजी आ सकती है। अगर दूसरी छमाही में महंगाई में गिरावट होती है तो खपत से जुड़ी कंपनियों को इनवेंट्री री स्टॉकिंग और बढ़ती मांग से फायदा होगा। 2024 में होने वाले आम चुनाव से भी खपत वाली कंपनियों को बूस्ट मिलेगा। आमतौर पर देखने को मिलता है कि चुनाव के कुछ समय पहले सरकार तमाम कल्याणकारी कामों पर अपना खर्च बढ़ा देती हैं। जिसके चलते आम लोगों के हाथ में कुछ अतिरिक्त पैसे आते है। जिसका फायदा खपत से जुड़ी कंपनियों को सबसे ज्यादा होता है।

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कैपिटल गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्टर कंपनियों की रहेगी चांदी

कैपिटल गुड्स स्पेस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का फोकस इस समय निवेश आधारित ग्रोथ पर बना हुआ है। ये कैपिटल गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्टर कंपनियों के लिए शुभ है। क्या आप पीएसयू स्पेस को लेकर बुलिश हैं? इस सवाल पर अजीत बनर्जी ने कहा कि कुछ पीएसयू कंपनियां हैं जो रणनीतिक रूप से सरकार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन पीएसयू कंपनियों के जरिए बड़ी मात्रा में सरकार की आर्थिक गतिविधियों और नीतिगत पहलों को लागू किया जाता है। ऐसे में वर्तमान में अजीत बनर्जी को वो सरकारी कंपनियां पसंद हैं जो इंफ्रा, एनर्जी, डिफेंस, रेलवे और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम करती हैं।

 

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