नोमुरा ने 15% घटाया निफ्टी का टारगेट, कहा- अभी और गिर सकता है शेयर बाजार
Nifty Target: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर सतर्क रुख अपनाते हुए निफ्टी-50 का टारगेट घटा दिया है। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 के लिए निफ्टी का टारगेट 15 प्रतिशत घटाकर 24,900 कर दिया है। पहले यह टारगेट 29,300 का था। ब्रोकरेज ने इस कटौती के पीछे पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को मुख्य वजह बताया है
Nifty Target: नोमुरा ने दिसंबर 2026 तक निफ्टी के लिए 21,000 से 29,100 के बीच का संभावित दायरा तय किया है
Nifty Target: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर सतर्क रुख अपनाते हुए निफ्टी-50 का टारगेट घटा दिया है। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 के लिए निफ्टी का टारगेट 15 प्रतिशत घटाकर 24,900 कर दिया है। पहले यह टारगेट 29,300 का था। ब्रोकरेज ने इस कटौती के पीछे पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को मुख्य वजह बताया है।
अर्निंग्स अनुमानों पर जोखिम
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनियों की कमाई के अनुमान में 10 से 15 प्रतिशत तक का जोखिम पैदा हो सकता है।
ब्रोकरेज का बेस केस यह मानता है कि कंपनियों की कमाई के अनुमान में करीब 7.5 प्रतिशत की कटौती होगी और बाजार का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल भी पहले के 21 गुना से घटकर लगभग 18.5 गुना रह सकता है।
निफ्टी के लिए बड़ा दायरा
नोमुरा ने दिसंबर 2026 तक निफ्टी के लिए 21,000 से 29,100 के बीच का संभावित दायरा तय किया है। ब्रोकरेज के अनुसार अगर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव जल्द कम हो जाता है तो बाजार के लिए बेहतर स्थिति बन सकती है, जिसे उसने “बुल केस” बताया है।
हाल के दिनों में तेज गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो हफ्तों में भारतीय शेयर बाजार में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। वहीं निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 13 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं।
इतिहास में इससे पहले इतनी बड़ी गिरावट केवल दो बार देखी गई है। पहली बार 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान और दूसरी बार 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के समय।
आगे और गिरावट की आशंका
नोमुरा का मानना है कि निकट अवधि में बाजार में और 5 प्रतिशत तक की गिरावट संभव है। ब्रोकरेज के अनुसार मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोखिम तुलनात्मक रूप से अधिक है। साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार को और नीचे धकेल सकती है।
हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि अगर मौजूदा स्तर से बाजार में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आती है, तो यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा अवसर बन सकता है।
कौन से सेक्टर कर सकते हैं बेहतर प्रदर्शन
नोमुरा के अनुसार मौजूदा अनिश्चित माहौल में कुछ सेक्टर बाकी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इनमें यूटिलिटी, कोयला, तेल उत्पादक कंपनियां, हेल्थकेयर, फार्मा, कंज्यूमर स्टेपल्स और टेलीकॉम सेक्टर शामिल हैं।
हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि हेल्थकेयर सेवाओं और कंज्यूमर स्टेपल्स सेक्टर में मौजूदा समय में वैल्यूएशन काफी ऊंचे हैं।
AI से जुड़ी चिंताओं को बताया बढ़ा-चढ़ाकर
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव को लेकर जो चिंताएं सामने आ रही हैं, वे अभी काफी हद तक बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि अंततः भू-राजनीतिक तनाव का समाधान निकल सकता है, जिससे तेल की सप्लाई सामान्य होगी और कीमतों में भी कमी आ सकती है। ऐसी स्थिति में बाजार में फिर से स्थिरता लौटने की संभावना बन सकती है।
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