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NSE, BSE ने ESM फ्रेमवर्क का किया विस्तार, 1000 करोड़ मार्केट कैप वाली कंपनियां होंगी शामिल

स्टॉक एक्सचेंज मंगलवार 13 अगस्त से ESM फ्रेमवर्क का विस्तार करके इसमें 1,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली मेनबोर्ड कंपनियों को शामिल करेंगे। इससे पहले ESM फ्रेमवर्क 500 करोड़ रुपये से कम मार्केट कैप वाली कंपनियां इसमें शामिल थी। ESM व्यवस्था का लक्ष्य स्मॉल-कैप शेयरों में वोलैटिलिटी को दूर करना है

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Aug 10, 2024 पर 11:19 AM
NSE, BSE ने ESM फ्रेमवर्क का किया विस्तार, 1000 करोड़ मार्केट कैप वाली कंपनियां होंगी शामिल
ESM फ्रेमवर्क के पहले चरण में स्टॉक का कारोबार 5 प्रतिशत या 2 प्रतिशत के प्राइस बैंड के साथ trade-for-trade के आधार पर किया जाएगा

मंगलवार 13 अगस्त से स्टॉक एक्सचेंज एनहान्स्ड सर्विलियांस मेजर (ESM) फ्रेमवर्क का विस्तार करेंगे। इस विस्तार में अब 1,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली मेनबोर्ड कंपनियों को शामिल किया जायेगा। इससे पहले ESM फ्रेमवर्क 500 करोड़ रुपये से कम मार्केट कैप वाली कंपनियों तक ही सीमित था। पिछले साल जून में शुरू की गई ESM व्यवस्था का लक्ष्य स्मॉल-कैप शेयरों में वोलैटिलिटी को दूर करना है। शुक्रवार को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) ने ऐलान किया कि ESM फ्रेमवर्क अब 1,000 करोड़ रुपये से कम बाजार पूंजीकरण (market capitalization) वाली कंपनियों को कवर करेगा।

इस फ्रेमवर्क के तहत सिक्योरिटीज के चयन के मानदंड में महत्वपूर्ण मूल्य भिन्नताएं (price variations) और क्लोज- टू - क्लोज प्राइज फ्लक्चुएशन शामिल हैं।

ESM फ्रेमवर्क के फेज 1 में स्टॉक का कारोबार 5 प्रतिशत या 2 प्रतिशत के प्राइस बैंड के साथ ट्रेड- फॉर - ट्रेड (trade-for-trade) के आधार पर किया जाएगा। स्टेज II में स्टॉक में समान ट्रेड-फॉर-ट्रेड मैकेनिजम के तहत 2 प्रतिशत प्राइस बैंड होगा।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

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