NSE Indices ने लॉन्च किया नया इंडेक्स; Zomato, Paytm समेत 21 शेयर ​शामिल

21 शेयरों में Zomato का वेटेज सबसे अधिक 20.3 प्रतिशत है। Nifty India Internet & E-Commerce Index में कंज्यूमर सर्विसेज का हिस्सा 65.32 प्रतिशत है। इसके बाद फाइनेंशियल सर्विसेज का हिस्सा 33.48 प्रतिशत और मीडिया, एंटरनेटमेंट और पब्लिकेशन का हिस्सा 1.21 प्रतिशत है

अपडेटेड Mar 02, 2025 पर 4:28 PM
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इंडेक्स का रिव्यू साल में दो बार मार्च और सितंबर में किया जाएगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की सहायक कंपनी NSE इंडेक्स ने 28 फरवरी को 'निफ्टी इंडिया इंटरनेट एंड ई-कॉमर्स इंडेक्स' पेश किया। यह थीमेटिक बेंचमार्क उन कंपनियों को ट्रैक करता है, जो मुख्य रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम करती हैं। इस इंडेक्स में निफ्टी टोटल मार्केट से लिए गए 21 शेयर शामिल हैं और यह फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन-बेस्ड वेटिंग का पालन करता है। इसमें इंडीविजुअल स्टॉक की सीमा 20 प्रतिशत है। बेस डेट 1 अक्टूबर 2021 है, जिसे 1,000 पॉइंट पर सेट किया गया है।

21 शेयरों में जोमैटो का वेटेज सबसे अधिक 20.3 प्रतिशत है। उसके बाद इन्फो एज का 18.83 प्रतिशत और पीबी फिनटेक का 16.72 प्रतिशत है। पेटीएम (वन97 कम्युनिकेशंस), नायका (FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स) और IRCTC का वेटेज 7-8 प्रतिशत है। एंजेल वन, मोतीलाल ओसवाल, स्विगी और इंडियामार्ट इंटरमेश का वेटेज 5 प्रतिशत से कम है। इंडेक्स में कंज्यूमर सर्विसेज का हिस्सा 65.32 प्रतिशत है। इसके बाद फाइनेंशियल सर्विसेज का हिस्सा 33.48 प्रतिशत और मीडिया, एंटरनेटमेंट और पब्लिकेशन का हिस्सा 1.21 प्रतिशत है।

साल में दो बार होगा रिव्यू


इंडेक्स का रिव्यू साल में दो बार मार्च और सितंबर में किया जाएगा। इसमें जनवरी और जुलाई में समाप्त होने वाले छह महीने के एवरेज डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा। तिमाही जांच से ETF और इंडेक्स फंड के लिए सेबी के पोर्टफोलियो कॉन्संट्रेशन मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित होगा। साथ ही अगर जरूरी हुआ तो सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। NSE इंडेक्स, स्टॉक सस्पेंशन, डीलिस्टिंग या कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग के मामले में एड-हॉक रीबैलेंसिंग भी शुरू कर सकती है।

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28 फरवरी को, सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई। बेंचमार्क इंडेक्स ग्लोबल ट्रेड वॉर की बढ़ती आशंकाओं और धीमी होती अमेरिकी अर्थव्यवस्था की चिंताओं के बीच भारी नुकसान के कारण नीचे आ गए। सभी 13 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में डूब गए। बीएसई स्मॉलकैप और बीएसई मिडकैप इंडेक्स क्रमशः 2.5 प्रतिशत और 3 प्रतिशत नीचे आ गए। लगातार बिकवाली के कारण 908 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए, जिससे मार्केट कैप में 8.8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

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