नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) अपने IPO की औपचारिक मार्केटिंग अगले हफ्ते से शुरू कर सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि NSE भारत के साथ-साथ अमेरिका, लंदन, सिंगापुर, हांगकांग, मिडिल ईस्ट में भी निवेशकों के साथ बैठकें करने की योजना बना रहा है। इस इश्यू का साइज 3 अरब डॉलर या 300 अरब रुपये रह सकता है।
IPO को सितंबर में लॉन्च करने का लक्ष्य है और NSE मार्केटिंग प्लान को लेकर बैंकों के साथ बातचीत कर रहा है। चूंकि बातचीत अभी चल रही है, इसलिए ऑफर की डिटेल्स- जैसे कि इसका साइज, वैल्यूएशन और टाइमिंग बदल भी सकती हैं। NSE के IPO का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। एक्सचेंज जून में ड्राफ्ट जमा कर चुका है।
NSE IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल
इस IPO में केवल ऑफर फॉर सेल रहेगा। NSE के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि कंपनी का लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि अनलिस्टेड स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म UnlistedZone.com के अनुसार, ग्रे मार्केट में NSE की वैल्यूएशन 5.25 लाख करोड़ रुपये (55.1 अरब डॉलर) से ज्यादा है। इस वैल्यूएशन पर IPO से लगभग 306 अरब रुपये जुटाए जा सकते हैं। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI का 2.475 करोड़ शेयर बेचने का प्लान है। बैंक ऑफ बड़ौदा करीब 2,197 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकता है।
NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी अच्छी खासी हिस्सेदारी है।
IPO पर 20 इनवेस्टमेंट बैंक कर रहे हैं काम
NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।
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