Nuclear Related Stocks: न्यूक्लियर रिएक्टर पर भारत का बड़ा दांव, इन 5 शेयरों पर रखें नजर

Nuclear Related Stocks: भारत सरकार छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (SMR) पर बड़ा दांव लगा रही है। इससे न्यूक्लियर सप्लाई चेन से जुड़ी कई कंपनियों को फायदा मिल सकता है। जानिए BHEL, L&T, MTAR Technologies, HCC और Kirloskar Brothers पर निवेशकों की नजर क्यों रहेगी।

अपडेटेड Jul 26, 2026 पर 10:38 PM
सरकार का लक्ष्य 2033 तक कम से कम 5 स्वदेशी SMR शुरू करने का है।

Nuclear Related Stocks: भारत सरकार छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (SMR) पर तेजी से काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य 2033 तक कम से कम 5 स्वदेशी SMR शुरू करने का है। वहीं, 2047 तक देश की न्यूक्लियर पावर क्षमता को 8.8 गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट करने की योजना है। इस प्लान से उन कंपनियों को फायदा मिल सकता है, जो पहले से न्यूक्लियर सेक्टर के लिए उपकरण और सेवाएं दे रही हैं।

BARC तीन स्वदेशी रिएक्टर डिजाइन तैयार कर रहा है। इनमें 220 मेगावाट का BSMR-200, 55 मेगावाट SMR और हाइड्रोजन उत्पादन के लिए हाई-टेम्परेचर गैस-कूल्ड रिएक्टर शामिल हैं। महाराष्ट्र के तारापुर को पहले दो रिएक्टरों के लिए मंजूरी मिल चुकी है।

BHEL


सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL कई सालों से न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी उपकरण बना रही है। कंपनी स्टीम जनरेटर, रिएक्टर हेडर, टरबाइन-जनरेटर सिस्टम और हीट एक्सचेंजर तैयार करती है। SMR प्रोजेक्ट्स शुरू होने पर इसे सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाली कंपनियों में माना जा रहा है। Q1 FY27 में कंपनी ने ₹376.71 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में घाटा था।

L&T

इंजीनियरिंग और EPC कंपनी L&T न्यूक्लियर सेक्टर के लिए रिएक्टर प्रेशर वेसल, स्टीम जनरेटर और दूसरे भारी उपकरण बनाती है। कंपनी प्रोजेक्ट्स के निर्माण का काम भी करती है। FY26 के आखिर में इसका ऑर्डर बुक रिकॉर्ड ₹7.40 लाख करोड़ पर पहुंच गया।

MTAR Technologies

MTAR Technologies हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग में काम करती है। कंपनी न्यूक्लियर रिएक्टरों में इस्तेमाल होने वाले खास कंपोनेंट्स बनाती है। FY26 में इसका रेवेन्यू 29.62% बढ़कर ₹876.21 करोड़ रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफा 77.8% बढ़कर ₹94.03 करोड़ पहुंच गया।

HCC

इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी HCC को न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने का अनुभव है। कंपनी रिएक्टर बिल्डिंग, कंटेनमेंट स्ट्रक्चर और दूसरे सिविल कंस्ट्रक्शन का काम करती है। FY26 के अंत में इसका ऑर्डर बुक ₹12,971 करोड़ रहा।

Kirloskar Brothers

पंप बनाने वाली कंपनी Kirloskar Brothers न्यूक्लियर ग्रेड पंप तैयार करती है। ये पंप न्यूक्लियर रिएक्टरों का अहम हिस्सा होते हैं। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,538 करोड़ रहा। ऑर्डर बुक ₹3,948.8 करोड़ पर पहुंच गया। प्रबंधन को FY27 में डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

SMR से जुड़ी कंपनियों के लिए यह लंबी अवधि का मौका है। इन प्रोजेक्ट्स का असर कंपनियों के कारोबार और ऑर्डर बुक में धीरे-धीरे दिखेगा। इसलिए सिर्फ इस थीम के आधार पर जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए।

निवेश से पहले कंपनी की ऑर्डर बुक, वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और प्रोजेक्ट्स में वास्तविक हिस्सेदारी को जरूर देखें। लंबे नजरिए वाले निवेशक इन शेयरों पर नजर रख सकते हैं।

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