ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में 25 मई को अच्छी तेजी है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड BPCL, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर शुरुआती कारोबार में 5.5 प्रतिशत तक उछल गए। इसके अलावा टायर, पेंट और एयरलाइन स्टॉक्स ने भी 4 प्रतिशत तक का उछाल देखा। इस तेजी की वजह है कच्चे तेल की कीमतों का नीचे आना। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के मार्क से नीचे आ गई है।
दरअसल खबर है कि अमेरिका-ईरान एक समझौते पर पहुंचने वाले हैं। इससे पश्चिम एशिया में जारी जंग खत्म होने की उम्मीदें पीक पर हैं। समझौता हो जाने पर महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से पहले के जैसे पूरी तरह से खुल सकता है। कच्चे तेल और गैस की सप्लाई में चल रही रुकावट दूर हो सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में छाया संकट खत्म हो सकता है।
इससे कच्चे तेल की कीमत नीचे आई है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 97.5 डॉलर प्रति बैरल पर है। WTI क्रूड फ्यूचर्स 90.7 डॉलर प्रति बैरल पर है। इससे उन सेक्टर्स को बूस्ट मिला, जिन्हें ईंधन और कच्चे माल की कम लागत से फायदा होता है।
पेट्रोलियम कंपनियों के शेयर
भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों की बात करें तो इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का शेयर शुरुआती कारोबार में 4 प्रतिशत तक उछल गया। इसी तरह बीपीसीएल का शेयर 4.5 प्रतिशत और एचपीसीएल का शेयर 6 प्रतिशत तक उछला। एक खबर यह भी है कि देश में सोमवार, 25 मई को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। यह फ्यूल की खुदरा कीमतों में पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में चौथी वृद्धि है।
पेंट कंपनियों के शेयरों में सोमवार को 4 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। एशियन पेंट्स के शेयर 2 प्रतिशत तक बढ़े। जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स के शेयर लगभग 4 प्रतिशत तक, शालीमार पेंट्स के शेयर 3 प्रतिशत तक, कंसाई नैरोलैक के शेयर 2 प्रतिशत तक उछले। पेंट और कोटिंग उद्योग कच्चे तेल से प्राप्त उत्पादों पर अत्यधिक निर्भर है। पेट्रोलियम फ्रैक्शन और डेरिवेटिव्स पेंट निर्माण के लिए आवश्यक फाउंडेशनल केमिस्ट्री प्रदान करते हैं। इनका इस्तेमाल बाइंडर, रेजिन, सॉल्वेंट और पिगमेंट बनाने के लिए किया जाता है।
टायर और एयरलाइन कंपनियों के शेयरों की चाल
अपोलो टायर्स और जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज के शेयर 5 प्रतिशत तक चढ़ गए। सिएट के शेयरों में 2 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। टोलिन्स टायर 3 प्रतिशत तक चढ़ा। टायर निर्माता कच्चे तेल से मिलने वाले एक डेरिवेटिव कार्बन ब्लैक पर बहुत अधिक निर्भर रहते हैं। यह टायर की मजबूती, टिकाऊपन और प्रदर्शन को बेहतर बनाता है। इसके अलावा सिंथेटिक रबर बनाने के लिए भी कच्चा तेल जरूरी है।
एयरलाइन कंपनियों में इंडिगो के शेयर 2 प्रतिशत तक और स्पाइसजेट के शेयर 3 प्रतिशत तक चढ़ गए। कच्चे तेल की कीमत गिरने से एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानि कि जेट फ्यूल की कीमत नीचे आने की गुंजाइश बनती है। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च ईंधन होता है। इसके सस्ता होने पर उनका ऑपरेटिंग खर्च कम होता है और मुनाफा बढ़ सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।