Ola Electric Share: ओला के रिजल्ट से खुश नहीं ब्रोकरेज, बेचने की सलाह; कमजोर बिक्री और ऑडिटर की चिंता से बढ़ा दबाव
Ola Electric Share: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के कमजोर तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज का भरोसा कमजोर हुआ है। Kotak ने ₹20 और Citi ने ₹26 का टारगेट दिया है। कमजोर बिक्री, कैश बर्न और ऑडिटर की आपत्ति से शेयर पर दबाव बढ़ा है।
Kotak Institutional Equities ने Ola Electric पर Sell रेटिंग यानी बेचने की सलाह बरकरार रखी है।
Ola Electric Share: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के शेयर 52 हफ्ते के हाई से करीब 44% नीचे हैं। अब दो बड़े ब्रोकरेज ने शेयर बेचने की सलाह दी है। Citi और Kotak Institutional Equities दोनों ने Sell रेटिंग दी है। कमजोर बिक्री, कैश बर्न और ₹57 करोड़ के प्रोविजन रिवर्सल पर उठे सवाल से दबाव बढ़ा है।
पहली तिमाही में घाटा घटा
अप्रैल-जून तिमाही में Ola Electric का घाटा घटकर ₹336 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में घाटा ₹428 करोड़ था।
लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। घाटा घटने में ₹57 करोड़ के प्रोविजन रिवर्सल का भी फायदा मिला। इसे हटा दें तो घाटा करीब ₹393 करोड़ होता।
ओला का रेवेन्यू 45% गिरा
ओला इलेक्ट्रिक का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 45% गिरकर ₹455 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में रेवेन्यू इससे काफी ज्यादा था।
यानी बिक्री में अभी भी कमजोरी है। Goldman Sachs ने भी तिमाही को कमजोर बताया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कम रेवेन्यू और बढ़ता EBITDA लॉस कंपनी के लिए चिंता की बात है।
₹57 करोड़ के प्रोविजन पर सवाल
Ola Electric की सब्सिडियरी Ola Cell Technologies ने ₹57 करोड़ का प्रोविजन रिवर्स कर दिया। यह प्रोविजन निवेश से जुड़े लक्ष्य पूरे नहीं होने पर लगने वाले नुकसान के लिए बनाया गया था।
कंपनी ने हेवी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री से समय बढ़ाने और जुर्माना माफ करने की मांग की है। लेकिन 30 जून तक मंत्रालय से इसकी मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बावजूद कंपनी ने पूरा प्रोविजन रिवर्स कर दिया। यही बात ऑडिटर को खटकी है।
ऑडिटर ने जताई चिंता
Ola Electric के ऑडिटर B S R & Co. LLP ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर के मुताबिक, उसे प्रोविजन रिवर्स करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
इसलिए ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में इस मामले पर आपत्ति या सवाल दर्ज किया। इस खबर से निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित हुआ।
Goldman Sachs का न्यूट्रल रुख
Goldman Sachs ने Ola Electric पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी है। उसने टारगेट प्राइस ₹38.90 से बढ़ाकर ₹40 कर दिया है। मौजूदा ₹39.90 के भाव से 0.25% की मामूली तेजी बनती है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, जून तिमाही कमजोर रही। रेवेन्यू 45% गिरा। EBITDA लॉस ₹165 करोड़ रहा। कुल मिलाकर, Ola Electric के सामने बिक्री बढ़ाने, मार्जिन सुधारने और कैश बर्न कम करने की चुनौती है।
Kotak ने ₹20 का टारगेट दिया
Kotak Institutional Equities ने Ola Electric पर Sell रेटिंग यानी बेचने की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹20 रखा है। मौजूदा ₹39.90 के भाव से इसमें 49.87% की संभावित गिरावट बनती है।
Kotak के मुताबिक, कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिक्री बढ़ाने की है। पहली तिमाही में औसत बिक्री कीमत यानी ASP भी कमजोर रही। कैश फ्लो भी चिंता का विषय है। अगर बिक्री तेजी से नहीं बढ़ी, तो कंपनी को आगे और पैसा जुटाने की जरूरत पड़ सकती है।
Citi का टारगेट ₹26
Citi ने भी Ola Electric पर Sell रेटिंग बरकरार रखी है। उसका टारगेट प्राइस ₹26 है। मौजूदा ₹39.90 के भाव से 34.84% की संभावित गिरावट बनती है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, कमजोर बिक्री और ग्रॉस मार्जिन पर दबाव ने कंपनी को नुकसान पहुंचाया। लागत घटाने और प्रोविजन रिवर्सल से मिले फायदे भी इसकी भरपाई नहीं कर पाए। Citi ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी बड़ी चुनौती बताया है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।