Ola Electric Shares: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर मंगलवार 25 मार्च को कारोबार के दौरान 4 फीसदी तक उछल गए। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि रोजमेर्टा ग्रुप (Rosmerta Group) ने कंपनी की पूर्ण सहायक कंपनी ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज के खिलाफ दाखिल अपनी दिवालियापन याचिका को वापस ले लिया है। रोजमेर्टा ग्रुप ने यह याचिका नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की बेंगलुरु बेंच के सामने दाखिल किया था। हालांकि ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में यह तेजी ज्यादा देर बरकरार नहीं रह पाई और शेयर जल्द ही लाल निशान में आ गया।
Ola Electric ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी ने अपने सप्लायर्स रोजमेर्टा ग्रुप के साथ सभी बकाया राशि को लेकर सेटलमेंट कर लिया गया है।
कंपनी ने आगे कहा कि अब दोनों कंपनियों के बीच कोई विवाद बकाया नहीं है, और हमारे बीच संबंध अब सेटलमेंट समझौते के तहत आगे बढ़ेंगे।
क्यों दाखिल हुई थी NCLT याचिका?
रोजमेर्टा डिजिटल सर्विसेज लिमिटेड, एक हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट और वाहन रजिस्ट्रेशन सेवाओं को मुहैया कराने वाली कंपनी है। इसने ओला इलेक्ट्रिक पर 18 से 20 करोड़ के पेमेंट पर डिफॉल्ट करने का आरोप लगाया था।
इस मामले में रोजमेर्टा डिजिटल सर्विसेज ने NCLT की बेंगलुरु बेंच में याचिका दायर कर दी थी और इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के सेक्शन 9 के तहत ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू करने की मांग की थी। हालांकि, Ola Electric ने शुरू से ही रोजमेर्टा के दावों को गलत बताया और कहा कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए उचित कानूनी कदम उठाएगी।
Ola Electric के लिए नई चुनौती – CCPA की जांच
ओला इलेक्ट्रिक ने एक ओर रोजमेर्टा के साथ विवाद सुलझा लिया है, वहीं दूसरी ओर सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने कंपनी के खिलाफ जांच तेज कर दी है। CCPA ने कंपनी से अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की है, क्योंकि Ola Electric और उसके प्रोडक्ट्स के खिलाफ 10,000 से अधिक कंज्यूमर्स शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
सुबह 10.25 बजे के करीब, ओला इलेक्ट्रिक के शेयर एनएसई पर 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ 55.11 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 36 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।