OMC Stocks : ईरान पर अटैक तेज करने के ट्रंप के बयान से बाजार में भारी बिकवाली आई है। निफ्टी और बैंक निफ्टी 1 साल के निचले स्तर पर आ गए हैं। मिडकैप-स्मॉलकैप की पिटाई ज्यादा हो रही है। दोनों इंडेक्स करीब 2-3 फीसदी नीचे हैं। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 6 फीसदी ऊपर है। उधर ग्लोबल मार्केट में भी कमजोरी है। डाओ फ्यूचर्स करीब 550 प्वाइंट गिरा है। क्रूड में उबाल ने फिर OMCs की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। HPCL और IOC 3-4 फीसदी फिसले हैं। उधर आज BPCL भी करीब 3 फीसदी फिसला है। ब्रेंट करीब 6 फीसदी उछलकर 107 डॉलर के पार निकल गया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में तेल संकट पैदा कर दिया है। ईरान पर अमेरिका ने और भीषण हमले करने की धमकी दी है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें उबाल पर हैं। इसके एनर्जी सप्लाई को लेकर नई चिंताएं खड़ी हो गई हैं। इराक,कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा उत्पादन में की गई कटौती ने 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' के आसपास आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है। बता दें कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी पर नोमुरा ने खास रिपोर्ट निकाली है। आइए देखते हैं इस रिपोर्ट में क्या है।
नोमुरा का कहना है कि सरकार ने ATF कीमतें 8.5 फीसदी बढ़ाने का एलान किया है। घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। मौजूदा स्थिति में OMCs को ATF पर 64 रुपए प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। विदेशी फ्लाइट्स के लिए ATF कीमत में 107 फीसदी का इजाफा हुआ है। OMCs की मार्केटिंग वॉल्यूम में ATF बिक्री का हिस्सा 2-6 फीसदी है। 65 फीसदी ATF बिक्री घरेलू एयरलाइंस को होती है। मौजूदा भाव पर ATF से कितना घाटा संभव है, इस पर नजर डालें तो IOC को साल भर में 23,600 करोड़ रुपए का घाटा हो सकता है। वहीं, BPCL को साल भर में 9,500 करोड़ रुपए और HPCL को 5,300 करोड़ रुपए का घाटा हो सकता है।
आज गुरुवार,2 अप्रैल को कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी से उछाल आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका, ईरान पर आक्रामक हमले जारी रखेगा और युद्ध खत्म करने के लिए कोई तय समय-सीमा नहीं देगा। भारत में ग्लोबल तेल कीमतों का अनुसरण करते हुए गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर तेल की कीमतें 5.66 फीसदी तक बढ़कर 9,775 रुपए प्रति बैरल हो गईं हैं।
ग्लोबल मार्केट की बात करें तो बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें 5 फीसदी बढ़कर 106.22 डॉलर प्रति बैरल हो गईं। जबकि अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड (WTI) की कीमतें गुरुवार को 4.2 फीसदी बढ़कर 104.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं।
वेस्टपैक बैंकिंग कॉर्प में कमोडिटी रिसर्च के होड रॉबर्ट रेनी ने ब्लूमबर्ग से कहा कि उम्मीद है कि निकट भविष्य में ब्रेंट क्रूड ऑयल 95 से 110 डॉलर प्रति बैरल के बीच ट्रेड करेगा। रेनी ने आगे कहा कि ट्रंप के भाषण में ऐसी कोई बात नहीं है जिससे बाज़ार की असलियत बदल जाए। होर्मुज स्ट्रेट असल में एक महीने से बंद है। इसके चलते तेल की सप्लाई अभी भी काफी हद तक बाधित है। इसमें कम से कम कुछ हफ़्तों की रुकावट और आने की संभावना है। यह अवधि और लंबी भी खिंच सकती है।
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