INDIA PMI DATA : मार्च में भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI गिरकर 4 साल के निचले स्तर 53.9 पर पहुंचा

INDIA PMI DATA : मार्च में भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI गिरकर 4 साल के निचले स्तर 53.9 पर पहुंचा गया है। यह सितंबर 2021 के बाद से सबसे कमजोर आंकड़ा है। सितंबर 2021 में परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 53.7 पर रहा था

अपडेटेड Apr 02, 2026 पर 12:49 PM
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March Manufacturing PMI : इस गिरावट के बावजूद,पूरे डेटासेट में यह इंडेक्स 50 के स्तर से ऊपर बना रहा है जो यह दर्शाता है कि मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में विस्तार जारी है,हालांकि इसकी गति धीमी हुई है

INDIA PMI DATA : 2 अप्रैल को जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि मार्च में धीमी होकर 45 महीने के निचले स्तर 53.9 पर पहुंच गई है जो फरवरी में 56.9 थी। यह सितंबर 2021 के बाद से सबसे कमजोर आंकड़ा है। सितंबर 2021 में परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 53.7 पर रहा था। मार्च के आंकड़ों ने 2026 की शुरुआत में देखने कोमिली तेज़ी को भी उलट दिया। उस समय PMI दिसंबर के 55 से बढ़कर जनवरी में 55.4 और फरवरी में 56.9 पर रही थी।

PMI आंकड़ा 2024 और 2025 के दौरान ज़्यादातर 55–59 की रेंज में रहा। मार्च 2024 और फिर जुलाई 2025 में यह 59.1 के शिखर पर पहुंच गया और अगस्त 2025 में 59.3 के उच्च स्तर पर रहा।

मार्च का 53.9 का आंकड़ा काफ़ी कम है,जो यह दर्शाता है कि ईरान युद्ध और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के अवरुद्ध होने के कारण मैन्यूफैक्चरिंग की गति में नरमी आई है। इस जलडमरूमध्य से ही,संघर्ष शुरू होने से पहले,भारत के तेल और गैस का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता था।


फ़ैक्टरी उत्पादन और नए ऑर्डर 2022 के मध्य के बाद से सबसे धीमी गति से बढ़े

लागत के दबाव,कड़ी प्रतिस्पर्धा और मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण बाज़ार में बढ़ी अनिश्चितता की वजह से फ़ैक्टरी उत्पादन और नए ऑर्डर 2022 के मध्य के बाद से सबसे धीमी गति से बढ़े। इननपुट लागत तेज़ी से बढ़कर 43 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई,लेकिन आउटपुट कीमतों में बढ़ोतरी मामूली रही,जो यह दर्शाता है कि कंपनियां बढ़ी हुई लागत को खुद ही वहन करने की कोशिश कर रही थीं। कंपनियां पूरे साल उत्पादन को लेकर ज़्यादा आशावादी रहीं,भले ही काम के बैकलॉग में लगभग 18 महीनों में पहली बार कमी आई हो।

इस गिरावट के बावजूद,पूरे डेटासेट में यह इंडेक्स 50 के स्तर से ऊपर बना रहा है जो यह दर्शाता है कि मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में विस्तार जारी है,हालांकि इसकी गति धीमी हुई है। इस गिरावट के बावजूद, इंडेक्स अभी भी 50 के निशान से काफी ऊपर है। बता दें कि 50 का स्तर सर्विस सेक्टर की गतिविधि में विस्तार और संकुचन के विभाजक रेखा का काम करता है।

मैन्युफैक्चरिंग PMI की 50 से ऊपर की रीडिंग सर्विस सेक्टर की गतिविधि में विस्तार का संकेत देती है। जबकि 50 से नीचे की रीडिंग मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधि में संकुचन का संकेत होती है। वहीं, कंपोजिट पीएमआई (Composite PMI) किसी भी देश की आर्थिक स्थिति और बिज़नेस एक्टिविटी का अहम इंडिकेटर माना जाता है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों सेक्टर्स की स्थिति शामिल होते हैं।

 

 

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