ONGC Q4 Results: सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC का मार्च तिमाही (Q4FY26) में नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 20.6% घटकर 6,650 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 8,372 करोड़ रुपये था।
ONGC Q4 Results: सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC का मार्च तिमाही (Q4FY26) में नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 20.6% घटकर 6,650 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 8,372 करोड़ रुपये था।
मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 13.9% बढ़कर 35,928 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 31,547 करोड़ रुपये था। हालांकि EBITDA 17.1% घटकर 12,666 करोड़ रुपये रह गया, जो एक तिमाही पहले 15,272 करोड़ रुपये था। इसके चलते EBITDA मार्जिन 48.4% से घटकर 35.3% पर आ गया।
गुजरात में बनेगा नया लिक्विड पोर्ट
बोर्ड ने गुजरात मेरीटाइम बोर्ड (GMB) के साथ 50:50 संयुक्त उद्यम बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस संयुक्त उद्यम के जरिए गुजरात के दहेज में 5 MMTPA क्षमता वाला लिक्विड पोर्ट विकसित किया जाएगा। यह परियोजना दोनों भागीदारों की निवेश मंजूरी और भारत सरकार के DIPAM की मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ेगी।
कंपनी का कहना है कि दहेज पोर्ट परियोजना ONGC समूह के एकीकृत ऊर्जा कारोबार को मजबूती देगी और क्षेत्र में उसकी लॉजिस्टिक्स क्षमता को बेहतर बनाएगी।
ब्राजील प्रोजेक्ट के लिए गारंटी को मंजूरी
बोर्ड ने एक संबंधित पक्ष लेनदेन को मंजूरी दी है। इसके तहत ONGC Nile Ganga BV (ONGBV) ब्राजील की BC-10 परियोजना के ऑपरेटर शेल ब्रासिल पेट्रोलियो लिमिटेड को गारंटी देगी। यह गारंटी ONGC Campos Ltd. (OCL) की ओर से दी जाएगी। इसकी सीमा 32.5 करोड़ डॉलर (करीब 2,760 करोड़ रुपये) तक होगी। यह राशि परियोजना से जुड़ी परित्याग देनदारी को कवर करने के लिए होगी।
इस गारंटी के बदले लिया जाने वाला शुल्क ट्रांसफर प्राइसिंग स्टडी के आधार पर तय किया जाएगा। ONGBV, ONGC Videsh Limited की सहायक कंपनी है। वहीं OCL, ONGBV के जरिए ONGC Videsh की स्टेप-डाउन सहायक कंपनी है।
मोजाम्बिक प्रोजेक्ट से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला
बोर्ड ने Area-1 Mozambique Project से जुड़े कुछ प्रस्तावों के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने की सिफारिश की है। इसके तहत परियोजना से जुड़ी कुछ संपत्तियों का पुनर्गठन किया जाएगा। साथ ही ONGC द्वारा पहले दी गई Debt Service Undertaking (DSU) की अवधि बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
NCDs को लेकर कंपनी ने दी जानकारी
ONGC ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक उसके 1,000 करोड़ रुपये के असुरक्षित NCDs बकाया थे। चूंकि ये NCDs असुरक्षित हैं, इसलिए SEBI के लिस्टिंग नियमों के तहत सिक्योरिटी कवर सर्टिफिकेट लागू नहीं होता।
1 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान
ONGC के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 1 रुपये (20%) फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। हालांकि इसके लिए आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
मंगलवार को BSE पर ONGC शेयर प्राइस 2.55 रुपये यानी 0.89% की बढ़त के साथ 287.50 रुपये पर बंद हुआ।
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