ONGC vs Oil India: दुनिया के सबसे व्यस्त ऑयल रूट्स में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में पिछले सात महीनों से तनाव बना हुआ है। इससे क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। ऐसे माहौल में Kotak Institutional Equities ने दो सरकारी तेल कंपनियों- ONGC और Oil India को लेकर अलग-अलग राय दी है।
ब्रोकरेज ने ONGC पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। इसका फेयर वैल्यू ₹355 प्रति शेयर है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 54% तेजी की गुंजाइश बताई गई है। वहीं, Oil India पर ‘Sell’ रेटिंग कायम है। इसका फेयर वैल्यू ₹360 है, जो मौजूदा स्तर से करीब 23% नीचे है।
Kotak के मुताबिक ONGC की प्रोडक्शन ग्रोथ ज्यादा बेहतर दिख रही है। कंपनी की वेस्टर्न ऑफशोर में BP के साथ पार्टनरशिप अहम है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि इस टेक्निकल सर्विस पार्टनरशिप से अगले दशक में ONGC का प्रोडक्शन ज्यादातर स्थिर रह सकता है।
इसी वजह से Kotak ने ONGC को अपना पसंदीदा अपस्ट्रीम स्टॉक बताया है। FY27 के लिए ब्रोकरेज ने ONGC की अर्निंग्स का अनुमान करीब 7% बढ़ाया है।
Oil India में क्या चिंता?
Kotak के मुताबिक Oil India की प्रोडक्शन विजिबिलिटी ONGC जितनी मजबूत नहीं है। कंपनी का रिजर्व बेस भी सीमित है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि शुरुआती बढ़ोतरी के बाद Oil India के ऑयल प्रोडक्शन पर दबाव आ सकता है। हालांकि, गैस प्रोडक्शन का आउटलुक बेहतर बताया गया है।
Kotak ने FY27 के लिए क्रूड ऑयल का अनुमान 85 डॉलर से बढ़ाकर 90 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है। हालांकि, FY28 और लंबी अवधि के लिए 75 डॉलर प्रति बैरल का अनुमान बरकरार रखा है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, होर्मुज में लंबे समय से जारी तनाव के बावजूद सितंबर 2026 में इस रूट से करीब 1.3 करोड़ बैरल प्रतिदिन क्रूड का फ्लो रहा। पॉलिसी रिफॉर्म्स से भी अपस्ट्रीम कंपनियों को ऊंची क्रूड कीमतों का ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।
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